छेड़ख़ानी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- क्या ज़रूरी है कि सब से ही मिलें प्यार के साथ दुश्मनी भी तो हो यारो कहीं दो-चार के साथ फेसला जंग का शमशीर नहीं कर सकती चाहिए ख़ून में ग़ेरत भी तो तलवार के साथ और तो कोई भी रस्ता ही नहीं इस के सिवा बात बढती है फ़क़त इश्क में इज़हार के साथ क़त्लो-ग़ारत ही नज़र आते हैं हर सम्त उसे जगता शहर है जब सुबह के अखवार के साथ तुम जो हो असल में ' परवाज़' वो ज़ाहिर में रहो छेड़ख़ानी न करो अपने ही किरदार के साथ