जाँत का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कहाँ जा रहे हो ? सासारा म. एक जाँत ( जाँता ) लेते आना .
- वह एक पिसनहारी के साथ मिलकर घर की जाँत पर दिन-रात कनिक ( आटा ) पीसने लगी।
- अब इसे सोचिए : कोई भारी भरकम जाँत लेकर आया होगा सासाराम से 200 - 250 किलोमीटर दूर।
- वहाँ कभी जाँत बहुतायत में मिलते होंगे और ये मनोभावना भी होती होगी कि अच्छे मिलते हैं .
- माई झटपट जाँत से उठीं और आवाज लगाईं - “ अरे जवाहिर , तनि देख बाऊ कहाँ गया रे।
- अनंत वासनाओं सहित अज्ञान को पीस कर पिनाकी नष्ट कर डालते हैं इसलिए इन्हें जाँत के दो पाट कहा जाता है।
- भेद मन के मन में राखब कब ले अँइसे जाँत के आज खुल के बात कुछ रउरो कहीं कुछ हमहूँ कहीं
- लेकिन वह एक बहुत बड़ी सुविधा थी जो आम गृहस्थ के घर की औरतों को ढेंका और जाँत से मुक्त होने की राह दिखा रही थी।
- १६६-साँई बाबा का प्रसाद और ज्ञान जी की सेहत १६५- अब तो बस करिए ज्ञान जी . ..१६४- ऎ बहुरिया साँस लऽ, ढेंका छोड़ि दऽ जाँत लऽ १६३-परदुःखकातर...
- वैसे जिन इलाकों में ये कहावत है वहाँ के सारे जाँत सासाराम में ही बनते होंगे तो अच्छे वाली बात का ज्यादा मतलब नहीं है .