झुलनी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- प्रियतमा की झुलनी और उसके सोलहों शृंगार को निरखकर प्रियतम की आँखें चौंधिया जाती है।
- आज हम अनीता जी की फ़रमाइश पर सुनेंगे “ हम गवनवा ना जैबे हो बिना झुलनी ” ।
- झुलनी लाये छोट जी : -) - जियो रे.....करेजा काट....हुर्ररररर :-) मस्त पोस्ट! पटनहिया खिस्सा से जरा भी कम नहीं.
- इस अंचल में एक कहावत बड़ा मशहूर था , ‘ लागा झुलनी का धक्का , बलम गए कलकत्ता ' ।
- तीसरी ने नाक की झुलनी हिलाकर कहा- ‘ अपना खाने-पहरने का लोभ कोई छोटे तब तो बेटे की बहू लावे।
- यह उस समय के लोकप्रिय गीत- “ झुलनी का रंग साँचा , हमार पिया ” - की पैरोडी थी .
- ' ' हम गवनवा न जैबे हो बिना झुलनी “ और ” चाहे तो मोरा जिया लई ले सांवरिया ” ।
- उनकी साम्यता किसी भोजपुरी ग्रामबाला ने अपनी झुलनी ( नाक का आभूषण ) से कर प्यारा सा नाम दिया - झुलनिया।
- एक लोककवि ने राई लोकगीत में लिखा है कि “मर जैहौ गँवार , मर जैहौ गाँवार, झुलनी को झूला न पाइहौ ।”
- २ . झुलनी-नाक केर निचले भाग में पहनी जाती है, और वह अधर पर लटकती झूलती रहती है, इसलिए उसे झुलनी कहते हैं ।