झूमरी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- मिथिला तो सीता की भूमि है , इसलिए यहाँ पर राम-सीता की होली ना हो, ऐसे कैसे हो सकता है ? तो ये फगुआ है, राम-सीता पर- कंहवा ही राम जी के जन्म भयो हरी झूमरी अब कंहवा ही बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी अजोधा में रामजी के जन्म भयो हरी झूमरी अब मिथिला में बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी चिठिया ही लिखी-लिखी रामजी भेजाबे हरी झूमरी अब सखी सभ करू न सिंगार, खेलब हरी झूमरी किनकर हाथ मे बून्टबा , हरी झूमरी अब किनकर हाथे अबीर, खेलब हरी झूमरी रामजी के हाथ में
- मिथिला तो सीता की भूमि है , इसलिए यहाँ पर राम-सीता की होली ना हो, ऐसे कैसे हो सकता है ? तो ये फगुआ है, राम-सीता पर- कंहवा ही राम जी के जन्म भयो हरी झूमरी अब कंहवा ही बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी अजोधा में रामजी के जन्म भयो हरी झूमरी अब मिथिला में बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी चिठिया ही लिखी-लिखी रामजी भेजाबे हरी झूमरी अब सखी सभ करू न सिंगार, खेलब हरी झूमरी किनकर हाथ मे बून्टबा , हरी झूमरी अब किनकर हाथे अबीर, खेलब हरी झूमरी रामजी के हाथ में
- मिथिला तो सीता की भूमि है , इसलिए यहाँ पर राम-सीता की होली ना हो, ऐसे कैसे हो सकता है ? तो ये फगुआ है, राम-सीता पर- कंहवा ही राम जी के जन्म भयो हरी झूमरी अब कंहवा ही बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी अजोधा में रामजी के जन्म भयो हरी झूमरी अब मिथिला में बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी चिठिया ही लिखी-लिखी रामजी भेजाबे हरी झूमरी अब सखी सभ करू न सिंगार, खेलब हरी झूमरी किनकर हाथ मे बून्टबा , हरी झूमरी अब किनकर हाथे अबीर, खेलब हरी झूमरी रामजी के हाथ में
- मिथिला तो सीता की भूमि है , इसलिए यहाँ पर राम-सीता की होली ना हो, ऐसे कैसे हो सकता है ? तो ये फगुआ है, राम-सीता पर- कंहवा ही राम जी के जन्म भयो हरी झूमरी अब कंहवा ही बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी अजोधा में रामजी के जन्म भयो हरी झूमरी अब मिथिला में बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी चिठिया ही लिखी-लिखी रामजी भेजाबे हरी झूमरी अब सखी सभ करू न सिंगार, खेलब हरी झूमरी किनकर हाथ मे बून्टबा , हरी झूमरी अब किनकर हाथे अबीर, खेलब हरी झूमरी रामजी के हाथ में
- मिथिला तो सीता की भूमि है , इसलिए यहाँ पर राम-सीता की होली ना हो, ऐसे कैसे हो सकता है ? तो ये फगुआ है, राम-सीता पर- कंहवा ही राम जी के जन्म भयो हरी झूमरी अब कंहवा ही बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी अजोधा में रामजी के जन्म भयो हरी झूमरी अब मिथिला में बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी चिठिया ही लिखी-लिखी रामजी भेजाबे हरी झूमरी अब सखी सभ करू न सिंगार, खेलब हरी झूमरी किनकर हाथ मे बून्टबा , हरी झूमरी अब किनकर हाथे अबीर, खेलब हरी झूमरी रामजी के हाथ में
- मिथिला तो सीता की भूमि है , इसलिए यहाँ पर राम-सीता की होली ना हो, ऐसे कैसे हो सकता है ? तो ये फगुआ है, राम-सीता पर- कंहवा ही राम जी के जन्म भयो हरी झूमरी अब कंहवा ही बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी अजोधा में रामजी के जन्म भयो हरी झूमरी अब मिथिला में बाजे ले बधाई खेलब हरी झूमरी चिठिया ही लिखी-लिखी रामजी भेजाबे हरी झूमरी अब सखी सभ करू न सिंगार, खेलब हरी झूमरी किनकर हाथ मे बून्टबा , हरी झूमरी अब किनकर हाथे अबीर, खेलब हरी झूमरी रामजी के हाथ में