टाँकी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- बहुत बड़ी टाँकी सव्बल कहलाती है , जो किसी हद तक अपने वजन के कारण हथौड़े की चोटों की अपेक्षा नहीं रखती।
- अगर बिना टाँकी लगवाये आप पहले तरबूज ले आते थे तो धोखा हो जाता था , तरबूज मीठा नहीं निकलता था।
- टंकिका ( सं . ) [ सं-स्त्री . ] लोहे की छोटी टाँकी या छेनी जिससे चक्की , सिल आदि टाँके जाते हैं।
- कहीं उसकी रेशमी चुनरी मैली न हा जाए ! कितनी महीन मुक्कैश उसने टाँकी थी अपनी चुनरी पर ! धुँधलका हो रहा था।
- पत्थर की सभी सतहें टाँकी से बहुत बारीक गढ़ी हों , और संधियां श्से अधिक मोटी न हों, तो वह बारीक संगीन चिनाई कहलाती है।
- टोली ने टाँकी से लौटते टार्च मारी थी मुझपर , टिहुक उठा था मन मगर वह टोहा-टाई तो किसी प्रेत को टोंचने के लिए थी ।
- टाँकी की गढ़ाई जब होने लगी तब तो ऐसी कला प्रादुर्भूत हुई , जिसे देखकर ऐसा लगता है कि वास्तुकला यदि पत्थर की न होती तो शायद बोल ही पड़ती।
- टाँकी की गढ़ाई जब होने लगी तब तो ऐसी कला प्रादुर्भूत हुई , जिसे देखकर ऐसा लगता है कि वास्तुकला यदि पत्थर की न होती तो शायद बोल ही पड़ती।
- तेरी टाँकी से हृदय चिराने में प्रसन्न था ! कि कभी मेरी इस सहनशीलता का पुरस्कार , सराहना के रूप में मिलेगा और मेरी मौन मूर्ति अनन्तकाल तक उस सराहना को चुपचाप गर्व से स्वीकार करती रहेगी।
- # # # मूरत के रूप पाने से पूर्व भी था पाषाण का अपना मूल सत्व और प्रकार , तभी तो हो सका था उसमें अंकित बिम्ब टाँकी की अंतस का और हो पाया था मूर्तिकार का सपना भी साकार...