नक्त का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- व्रत में उपवास , अयाचित ( बिना मांगे प्राप्त ) भोजन , नक्त ( रात्रि में भोजन करना ) या एकभुक्त ( एक बार भोजन करना ) जो बन सके , यथासामथ्र्य करें।
- व्रत में उपवास , अयाचित ( बिना मांगे प्राप्त ) भोजन , नक्त ( रात्रि में भोजन करना ) या एकभुक्त ( एक बार भोजन करना ) जो बन सके , यथासामथ्र्य करें।
- बंङ ऋषि के अनुसार यह व्रत निराहार , साहार , नक्त या एकमुक्त तरीके से यथाशक्ति किया जा सकता है , जिससे पापों का क्षय हो जाता है और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
- बंङ ऋषि के अनुसार यह व्रत निराहार , साहार , नक्त या एकमुक्त तरीके से यथाशक्ति किया जा सकता है , जिससे पापों का क्षय हो जाता है और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
- इसलिये यदि इतना समय न मिले या सामर्थ्य न हो तो सात , पाँच, तीन या एक दिन व्रत करे और व्रतमें भी उपवास, अयाचित, नक्त या एकभुक्त - जो बन सके यथासामर्थ्य वही कर ले ।
- योगों के नाम हैं : - इक्कबाल , इन्दुरवर , इत्यशाल , इसराफ , नक्त , यमया , मणऊ , कम्बूल , गैरी कम्बूल , खल्लासर रद्द , दुफालिकुत्थ , दुत्थकुत्थीर , तम्बीर , कुत्थ , दूरूफ
- योगों के नाम हैं : - इक्कबाल , इन्दुरवर , इत्यशाल , इसराफ , नक्त , यमया , मणऊ , कम्बूल , गैरी कम्बूल , खल्लासर रद्द , दुफालिकुत्थ , दुत्थकुत्थीर , तम्बीर , कुत्थ , दूरूफ
- वर्ष कुण्डली में योगों की संख्या 16 है . इन योगों से फलादेश ज्ञात करने में काफी मदद मिलती है.योगों के नाम हैं:- इक्कबाल, इन्दुरवर, इत्यशाल, इसराफ, नक्त, यमया, मणऊ, कम्बूल, गैरी कम्बूल, खल्लासर रद्द, दुफालिकुत्थ, दुत्थकुत्थीर, तम्बीर, कुत्थ, दूरूफ
- नक्त योग : जब लग्नेश और कार्येश के बीच कोई परस्पर दृष्टि न हो और ये दोनों एक तीसरे ग्रह से संयुक्त हो तथा औसत दीप्तांश सीमा में हो , यहां तीसरा ग्रह तीव्र गति का होना चाहिए।
- इसलिये यदि इतना समय न मिले या सामर्थ्य न हो तो सात , पाँच , तीन या एक दिन व्रत करे और व्रतमें भी उपवास , अयाचित , नक्त या एकभुक्त - जो बन सके यथासामर्थ्य वही कर ले