नरेन्द्रनाथ दत्त का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- जन्म : 12 जनवरी , 1863 निर्वाण : 4 जुलाई , 1902 आधुनिक सदी में भारतीय अध्यात्म के प्रतीक एवं रामकृष्ण परमहंस के शिष्य रहे नरेन्द्रनाथ दत्त , जो कालान्तर में स्वामी विवेकानंद के नाम से प्रख्यात हुए , का जन्म कोलकाता में हुआ।
- इस महान मूलमंत्र को शैशव और नवयुवाओं की नसों में Wed , 23 Jan 2008 04:34:28 GMT http://hindi.webdunia.com/miscellaneous/kidsworld/prompterpersonality/0801/23/1080123003_1.htm नरेन्द्रनाथ उर्फ स्वामी विवेकानंद http://hindi.webdunia.com/miscellaneous/kidsworld/prompterpersonality/0801/12/1080112011_1.htm आधुनिक सदी में भारतीय अध्यात्म के प्रतीक एवं रामकृष्ण परमहंस के शिष्य रहे नरेन्द्रनाथ दत्त, जो कालान्तर में स्वामी विवेकानंद के नाम से प्रख्यात हुए, का जन्म कोलकाता में हुआ।
- स्वामी विवेकानन्द ( नरेन्द्रनाथ दत्त या केवल नरेन , जिस नाम से वे अपने संन्यासी जीवन से पहले जाने जाते थे ) का जन्म कोलकाता में विश्वनाथ दत्त और भुवनेश्वरी देवी के घर सोमवार 12 जनवरी , 1863 ( पौष कृष्ण सप्तमी , विक्रम सम्वत् 1919 , मकर संक्रान्ति के दिन जिसे काल संक्रमण के लिए शुभ माना जाता है , के दिन हुआ था ।
- युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानंद जी का जन्म कलकत्ता में 12 जनवरी 1863 को वहां के प्रतिष्ठित वकील विश्वनाथ दत्त और भुवनेश्वरी दत्त के घर पर हुआ . उन का पूर्व नाम नरेन्द्र दत्त था .1884 में पिता के निधन के बाद वे गुरुदेव कि शरण में आ गये.25 वर्ष की अवस्था में संन्यास लेने के बाद इनका नाम विवेकानंद हुआ.[स्वामी विवेकानन्द नरेन्द्रनाथ दत्त ने अपने को विविदिषानंद कहलाना चाहा परंतु खेतडी़ के राजा अजितसिंह ने उन्हें विवेकानन्द नाम दिया.