नृग का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- राजा नृग की आत्मा बोली , ‘‘ पहले पाप का फल भोग करवा दीजिए।
- नृग ने कहा कि ये गुण तो किसी शूद्र में भी हो सकते हैं।
- इस प्रकार राजा नृग आज भी अपनी उस भूल का दण्ड भुगत रहे हैं।
- यौधेयों के पूर्वजों में मनु , पुरूरवा, ययाति, उशीनर और नृग आदि बड़े-बड़े राजा हुये हैं ।
- तनिक सी असावधानी हो जाने पर उसे राजा नृग की भाँति भयंकर यातना भोगनी पड़ती है।
- श्रीकृष्ण ने कहा , “ नृग , मैं उन्हें इसके लिए आज्ञा देता हूं | ”
- राजा नृग मरने के बाद गिरगिट हो गया … सम्राट भरत हिरण हो गया … .
- इस ग्रंथ में इन्होंने त्रिलोचन को अपना गुरु तथा राजा नृग को अपना आश्रयदाता बताया है।
- तनिक सी असावधानी हो जाने पर उसे राजा नृग की भाँति भयंकर यातना भोगनी पड़ती है।
- प्रेम में श्री राधा भाव 2भगवान के वंश और नृग राजा की कथाश्री मुरारी बापू जी -परिचय