पैंजनी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- अलिफ़ लैला का माया लोक बहुत दिन हुए यहीं तो राजदुलारे स्वप्न लला रुन-रुना-रुना आनन्द पैंजनी किलक-थिरक नाचा करते थे !
- टोहने की खातिर उसने बात घुमाई- ‘‘ न हो , पैंजनी के बदले नकद दे दो तुम इंद्र भैया के बच्चे को।
- टोहने की खातिर उसने बात घुमाई- ‘‘ न हो , पैंजनी के बदले नकद दे दो तुम इंद्र भैया के बच्चे को।
- तुलसियों के वनों से उठी गूँज कर बांसुरी की धुनें कुछ भटकते हुए आपकी पैंजनी से गले जो मिली , नॄत्य करते हुए झनझनाने लगीं
- एक में हीरों का हार , दूसरे में वैसे ही हीरों का कंगन था और तीसरे में मिलती हुई हीरों की पैंजनी [एंकलेट] थी. मैं मामा से लिपट गयी.
- राधा-सी पैंजनी झंकृत कर , मुरली तुम क्यों बजवाती हो ? क्यों पत्र लिखा वैदर्भी* -सा , फिर पाँचञ्जन्य बजवाती हो ? वैदर्भी = विदर्भ की राजकुमारी रुक्मणी जी।
- बहुत सुन्दर छंद है : रागिनी सी पैंजनी के सुर और ताल की आपकी गली में रहे , ख़ुश्बुओं में ढली हुई मीठी-मीठी यादें लिए , बीत गए साल की
- डिबिया के भीतर देखते ही उसकी आंखें तीखी हो आईं- “ मेरी पैंजनी हैं ये तो ! पालिश करवाई ? ” ‘‘ कोई पालिश-वालिश नहीं , मेरी अक्ल का कमाल है।
- ( बाल) कृष्ण धूल से भरे अति शोभित हो रहे हैं, सिर पर सुन्दर चोटी है, खेलते, खाते आँगन में घूम रहे हैं, पैरों में पैंजनी और कमर में पीली कछौटी बँधी है।
- ( बाल) कृष्ण धूल से भरे अति शोभित हो रहे हैं, सिर पर सुन्दर चोटी है, खेलते, खाते आँगन में घूम रहे हैं, पैरों में पैंजनी और कमर में पीली कछौटी बँधी है।