प्रमेह रोग का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- आंवलों के स्वरस में हल्दी का चूर्ण मिलाकर शहद में चाटने से सभी तरह के प्रमेह रोग दूर हो जाते हैं।
- 11 . कमल पुष्प का रस एक तोला , मिश्री आधा तोला दोनों मिला कर खिलाने से प्रमेह रोग ठीक होता है।
- 10 - 20 ग्राम बरगद के पके फलों के चूर्ण को मिश्री मिलाये हुए दूध के साथ खाने से प्रमेह रोग में फायदा होता है।
- गर्भ से सम्बंधित रोग , रक्तप्रदर, मधुमेह, आंखों के रोग, अतिसार, सूखा रोग, पेशाब से सम्बंधित रोग तथा प्रमेह रोग को यह ठीक कर सकता है।
- पुरुषों के प्रमेह रोग के समान स् त्रियों का श्वेत प्रदर घातक रोग है जो स् त्रियों के स्वास्थ्य को सर्वथा मिट्टी में मिला देता है ।
- इसका प्रयोग सिर का रोग , वायु , कफ , कीड़े , कुष्ठ रोग , बवासीर एवं प्रमेह रोग को दूर करने के लिए किया जाता है।
- शुक्रवार- शीघ्रपतन , प्रमेह रोग के रोगियों को शुक्रवार के दिन उपवास रखना चाहिए क्योंकि शुक्रवार ओज , तेजस्विता , शौर्य , सौंदर्यवर्धक और शुक्रवर्धक होता है।
- शुक्रवार- शीघ्रपतन , प्रमेह रोग के रोगियों को शुक्रवार के दिन उपवास रखना चाहिए क्योंकि शुक्रवार ओज , तेजस्विता , शौर्य , सौंदर्यवर्धक और शुक्रवर्धक होता है।
- लैक्टुका एसिडम औषधि स्त्रियों तथा पुरुष के कष्टदायक प्रमेह रोग होने के साथ ही कई प्रकार के लक्षण होने पर रोग को ठीक करने के उपयोग करना चाहिए।
- इसके चूर्ण और मिश्री को समान मात्रा में मिलाकर 1 - 1 चम्मच दिन में तीन बार कुछ हफ्ते तक खाने से प्रमेह रोग में लाभ होता है।