बंगली का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- सरकार के कहने पर एक दशक पहले बंगली पान उत्पादकों ने भी फसल में रासायनिक उर्वरकों , यूरिया और डीएपी का उपयोग शुरू कर दिया था, इस प्रयोग ने भी उनकी जमीन की चारित्रिक विशेषताओं और उत्पादकता को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
- यहां पाए जाने वाले मांसभक्षियों में एशियाई भेडियां , बंगली लोमड़ी , स् लॉथ बीयर , रेटल , भूरे मंगूस , पट्टी दार हाइना , जंगली बिल् ली , चीते और बाघ , यहां पाए जाने वाले अन् य जंतु है जंगली सुअर , चित्तीदार हिरण , सांभर , चौसिंघा , नील गाय , चिंकारा और गौर।
- यहां पाए जाने वाले मांसभक्षियों में एशियाई भेडियां , बंगली लोमड़ी , स् लॉथ बीयर , रेटल , भूरे मंगूस , पट्टी दार हाइना , जंगली बिल् ली , चीते और बाघ , यहां पाए जाने वाले अन् य जंतु है जंगली सुअर , चित्तीदार हिरण , सांभर , चौसिंघा , नील गाय , चिंकारा और गौर।
- उन्होंने बताया कि योजना के तहत अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग ने रिंगाल रोपण , चाराघास उत्पादन के 122 कार्य , उद्यान विभाग ने टिशू कल्चर , केला उत्पादन , थराली , बचेर , रामणी व तूणगी में सुदृढ़ीकरण के 13 कार्य , नर्सरी , पशुपालन विभाग ने पीपलकोटी , बंगली , केदारकांठा , ग्वालदम में छह कार्य , हिमत्थोन परियोजना के तहत चारा विकास एवं घास रोपण के कार्य संचालित किए जा रहे है।
- उन्होंने बताया कि योजना के तहत अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग ने रिंगाल रोपण , चाराघास उत्पादन के 122 कार्य , उद्यान विभाग ने टिशू कल्चर , केला उत्पादन , थराली , बचेर , रामणी व तूणगी में सुदृढ़ीकरण के 13 कार्य , नर्सरी , पशुपालन विभाग ने पीपलकोटी , बंगली , केदारकांठा , ग्वालदम में छह कार्य , हिमत्थोन परियोजना के तहत चारा विकास एवं घास रोपण के कार्य संचालित किए जा रहे है।
- पश्चिम बंगाल में तो पान की फसल पैदा करने वालों को किसान भी माना जाता है और संरक्षण भी दिया जाता है यही कारण है कि भरपूर फसल होने के कारण मिदनापुर का बंगला पान छतरपुर में 30 पैसे में मिल जाता है पर स्थानीय स्तर पर ही बंगली ( देशी पान) की लागत 60 पैसे पड़ने लगी है क्योंकि रूपये में मिलने वाला बांस अब 10 रूपये का मिल रहा है, मजदूरों की दिहाड़ी भी दोगुनी हो गई है और बिजली के मामले में तो शोषण का कोई ठिकाना ही नहीं है।
- पश्चिम बंगाल में तो पान की फसल पैदा करने वालों को किसान भी माना जाता है और संरक्षण भी दिया जाता है यही कारण है कि भरपूर फसल होने के कारण मिदनापुर का बंगला पान छतरपुर में 30 पैसे में मिल जाता है पर स्थानीय स्तर पर ही बंगली ( देशी पान) की लागत 60 पैसे पड़ने लगी है क्योंकि रूपये में मिलने वाला बांस अब 10 रूपये का मिल रहा है, मजदूरों की दिहाड़ी भी दोगुनी हो गई है और बिजली के मामले में तो शोषण का कोई ठिकाना ही नहीं है।