भुशुण्डी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- वो ब्रह्मांड वाला भी मामला है -राम के तो पेट में ही भुशुण्डी चले गए और वहां अनगिन ब्रह्माण्ड dekhe एक ही नहीं : ) यह थी चिंतन की विराटता ..
- प्रास , ऋष्टि, तोमर, लोहमय कणप, चक्र, मुद्गर, नाराच, फरसे, गोफन, भुशुण्डी, शतघ्नी, धनुष-बाण, गदा, भाला, तलवार, परिघ, भिन्दिपाल, शक्ति, मुसल, कम्पन, चाप, दिव्यास्त्र, एक साथ कई बाण छोड़ने वाली यांत्रिक मशीनें।
- सर छोटा मुहा बड़ी बात ! लेकिन सप्त चिरन्जीवियों मे ( भगवान श्री परसुराम, महर्षी व्यास, श्री हनुमान जी , श्री भिभीषन जी, महराजा बलि, अस्वस्थामा और सातवा शायद कृपाचार्य जी है ) फिर नारद जी , काक भुशुण्डी और गुरु गोरखनाथ जी कॅया नाम क्यूं नही आता है ?
- मुझे मलाल है इस बात का कि इन्होने अपनी स्याही और अपना विचार जाया भी किया तो किसपे- काग भुशुण्डी पे दोस्तों अपना एक शेर नज़र करता हूँ गौर फरमाइयेगा और मन हीं मन हंसियेगा - आज मुगाल्ल्जातों का लच्छा पहनाने आये हैं जब लोग वो अपनी गली का दबंगे-मुबाहिसा किस गोशे में दुबका है वैसे साधना जी राजकमल जी की शिकायत मत कीजयेगा . .
- प्रतिदिन प्रत्युषा में उठना , गंगा में जी भरकर डुबकियाँ लगाना, प्रात:काल से दोपहर तक, जबतक पीठ अच्छी तरह गरम न हो जाये, गंगा में रहकर ही सूर्यदेव की आराधना करना, दिन-भर युद्धशाला में शूल, तोमर, शतघ्नी, प्रास, भुशुण्डी, खड़्ग, गदा, पट्टिश आदि भिन्न-भिन्न प्रका के शस्त्र फ़िराना, समय अपर्याप्त लगने पर रात में शोण को लेकर पलीते के धूमिल प्रकाश में अचूक लक्ष्य-भेद करना और अन्त में सारे दिन की घटनाओं का चिन्तन करते हुए, कभी-कभी चम्पानगरी की स्मृतियाँ मन ही मन दुहराते हुए, सो जाना।