मुक़ाबिला का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- बल्कि जब मखसूस तौर पर ( विशेष रुप से ) आप को दअवते मुक़ाबिला दी जाती थी , या उमूमी तौर पर ( सार्वजनिक रुप से ) दुशमन ललकारता था तो उस के मुकाबिले में निकलते थे , और उसे क़त्ल कर देते थे।
- इस आसमानी किताब की एक दूसरी ख़ुसूसियत यह है कि ख़ुदा वन्दे मुतआल ने उम्मते मुस्लेमा पर यह अहसान फ़रमाया है कि इस की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी ख़ुद अपने ज़िम्मे ली है कि यह किताब हर तरह के इन्हेराफ़ या मुक़ाबिला आराई से महफ़ूज़ रहे।
- आप हो सकता है मेरी बात का बुरा मानें बिलॉग-निगार साहब लेकिन मेरा तजुर्बा और अंदाज़ा ये कहता है कि इस् लाम दरअसल एक ज़ेहनी वायरस है और जैसा मेडिकल साइंस के लोग कहते हैं वायरस का मुक़ाबिला सिर्फ एक ऐंटी-वायरस ही कर सकता है .
- मदीने से चार मील के फासले पर यहूदियों का एक खुश हल क़बीला , नुज़ैर रहता था , जिसने मुहम्मद से समझौता कर रखा था कि मुसलामानों का मुक़ाबिला अगर काफ़िरों से हुवा तो वह मुसलामानों का साथ देंगे और दोनों आपस में दोस्त बन कर रहेंगे .
- तबरी ने लिखा है कि मक़ामे सिल्ली सलबरी में जब दस हज़ार खवारिज जंगो क़िताल ( युद्ध एंव बध ) के लिये सिमट कर जमअ हो गए तो मोहल्लब ने इस तरह डटकर मुक़ाबिला किया कि सात हज़ार खारजियों को तहे तेग़ कर दिया और बक़ीया तीन हज़ार किरमान भाग कर जान बचा सके।
- अकबर शाह सानी का ज़माना कुछ आराम व सुकून का ज़माना था लेकिन देहली के लाल किले पर मुस्तमिल ( आधारित ) इस बादशाहत के लिए भी साजिशें और चपकुलशें ( हड़बोंग ) थीं और ज़फ़र और उनके भाई मिर्जा जहाँगीर के दरम्यान वली अहदी ( उत्तराधिकार ) के लिए कुछ अरसा मुक़ाबिला जारी रहा।
- सिर्फ़ सौ आदमी अपने मक़ाम पर जमे रहे और उन्होंने , जहां तक मुम्किन था , डट कर मुक़ाबिला भी किया , मगर दुशमन की फ़ौज ने ऐसा मिल कर सख्त हमला किया कि उन के भी क़दम उखड़ गए और रईसे लश्कर हस्सान इब्ने हस्साने बिक्री तीस आदमीयों के साथ शहीद कर दिये गए।
- जब इस पराधीनता के युग से मुक्ति पाता है तो बाल बच्चों की बन्दिशों और जीवनोपाय की चिन्ताओं में घिर जाता है , जहां कभी सहकर्मी प्रतिद्वन्द्वियों की द्वैष भावनाओं , कभी शत्रुओं से टकराव , कभी परिस्थितियों एंव दुर्घटनाओं का मुक़ाबिला , कभी रोगों का आक्रमण और कभी औलाद का दुख उसे दरपेश रहता है।
- तुम अपने मक़ाम पर ख़ूटी की तरह जमे रहो और अरब का नज़्मो नसक़ ( क़ानून एवं व्यवस्था ) बर्क़रार रखो और उन्हीं को जंग की आग का मुक़ाबिला करने दो , इस लिये कि अगर तुम ने इस सर ज़मीन को छोड़ा तो अरब अत्राफ़ो जवानिब ( चारों दिशाओं ) से तुम पर टूट पड़ेगा।
- जब दरिया के उस पार उतरे तो देखा कि ज़ियाद और शुरेह भी अपने अपने दस्तों के साथ वहीं पर मौजूद हैं चूंकि उन दोनों ने दरियाए फ़ुरात के कनारे खुशकी का रास्ता इख़्तियार किया था और यहां पहुंच कर जब उन्हें मअलूम हुआ कि अमीरे शाम अपनी फ़ौजों के हमराह ( फ़ुरात की तरफ़ बढ़ रहा है ) तो इस ख़याल से कि वह शामी फ़ौज का मुक़ाबिला न कर सकेंगे अमीरुल मोमिनीन ( अ.स. ) के इन्तेज़ार में ठहर गए थे।