मुलाक़ात करना का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- जय कुमार झा जी के साथ आज़ाद पुलिस से मुलाक़ात करना बहुत सुखद रहा … हम दोनों पसीने से भीग चुके थे … हमने ब्रह्मपाल जी के साथ एक फोटो खिंचवाने और भविष्य में अन्य सकारात्मक संघर्षों में साथ रहने के आश्वासन के बाद विदा ली . .
- अपने आराध्य देव-भगवान् से मुलाक़ात करना निहायत ही जरूरी हैं , चाहे उसके लिए कितने भी कष्ट ( दुर्गम चढ़ाई करना , खतरनाक मोड़ से गुज़रना , खाने को अन्न ना हो लेकिन प्रसाद के लिए पैसा जरूर हो , आदि-आदि ) क्यों ना सहने पड़े ?? ”
- सबसे कठिन कार्यभव्य जीव के लिए है अपने से ही मुलाक़ात करना ! जीव की एक बार अपने आप से मुलाक़ात हो जाए वह दुनिया की समस्त तस्वीरें भूल जाता है ओर जब भी किसी तस्वीर को देखने का भाव करता है तो तुरंत उसका ज्ञान बोल पड़ता है कि ;
- कश्फ़ुल-क़ुबूर यानि क़ब्र वाले बुज़ुर्ग को रूहानी तौर पर देखना अगर आप किसी ऐसे बुज़ुर्ग के प्रति श्रृद्धा रखते हैं जो कि गुज़र चुके हैं और आप उनसे मुलाक़ात करना चाहते हैं तो उसका तरीक़ा यह है कि आप उनकी क़ब्र पर जाकर रोज़ाना यह नाम इतना पढ़ें कि आप नाम में डूब जाएं।
- इसमें कोई संदेह नहीं कि शरई ( धार्मिक ) ईदों ( ईदुल फित्र और ईदुल अज़हा ) और खुशी के अवसरों पर भाईयों , चचेरे भाईयों और रिश्तेदारों का एकत्रित होना और भेंट मुलाक़ात करना खुशी और आनंद , प्यार की वृद्धि और परिवारजनों के बीच संबंध को मज़बूत बनाने के कारणों में से है।
- उड़ जाता है , दिल सब से मुलाक़ात करना चाहता है तो रूह तन्हाई की मांग करने लगती है ,नज़र कई मौज़ुआत पे पड़ना चाहती है तो पलकें आँख पर पर्दा डाल देती हैं ; ज़िन्दगी सच्चाईयों से इश्क़ करना चाहती है तो सोचो - फिक्र ख़ुदकुशी कर लेते हैं और फिर मैं ही ग़ज़ल और शेरों का वरक़ के बीच रस्ते में ही क़त्ल कर देती हूँ - ये
- टॉलस्टाय की ' अन्ना करेनिना ' , ' विक्टर ह्यगो का ' पेरिस का कुबड़ा ' , ' हंचबैक ऑफ नात्रेदाम ' , गोर्की की ' मदर ' , अलेक्जेंण्डर कुप्रिन का ' गाड़िवानों का कटरा ' ( यामा , दपिट ) और सबसे मनोरंजक सर्वा-रीज़ का ' विचित्र वीर ' ( यानी डान क्विक्जोट ) हिन्दी के ही माध्यम से सारी दुनिया के कथा पात्रों से मुलाक़ात करना कितना आकर्षक था।
- जहाँ तक उन इबादतों का संबंध है जिनमें व्यस्त होना गर्भवती महिला के लिए संभव है , तो वे सभी इबादतें है जिन्हें मुसलमान अपने दिन और रात में करता है , जैसे- नमाज़ , रोज़ा - यदि उसे हानि पहुँचने का भय न हो - , सदक़ा व ख़ैरात , क़ुरआन करीम की तिलावत , शरई अज़कार की पाबंदी , लोगों के साथ उपकार करना , रिश्तेदारों से भेंट मुलाक़ात करना , नफ्स का नियंत्रण और निरीक्षण करना और उसे शिष्टाचार , कार्यों और कथनों के उच्च स्थान पर पहुँचाना।