यजु का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ग्रंथ का नाम “कात्यायनप्रणीत शुक्ल यजु :
- ऋक् , यजु , साम तीनों को अमृता कहा है।
- ऋक् , यजु , साम तीनों को अमृता कहा है।
- वाणी से ऋक् , यजु , साम का सृजन हुआ।
- वाणी से ऋक् , यजु , साम का सृजन हुआ।
- इसमें यजु प्राण को गतिमान करके भाग्योदय किया जा सकता है।
- इसमें यजु प्राण को गतिमान करके भाग्योदय किया जा सकता है।
- ॠग् , यजु:, साम इन तीनों वेदों के मध्य में है यजु:
- ॠग् , यजु:, साम इन तीनों वेदों के मध्य में है यजु:
- ॠग् , यजु:, साम इन तीनों वेदों के मध्य में है यजु: