राज ऋषि का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- अत : ईश्वर के अति निकट दिव्य शक्तियों से विभूषीत राज ऋषि मधुसूदन दास जी महाराज, जो की श्री क्षत्रिय वीर ज्योति के संस्थापक होने के साथ ही सुविख्यात निर्वाणी अखाड़े के ख़ालसा के श्री महंत भी हैं, को सूक्ष्म ईश्वरीय चेतना द्वारा यह दिव्य निर्देश पाप्त हुआ है की - संपूर्ण आर्यवृत में बिखरी हुई व दिशाहीन क्षत्रिय शक्तियों को खोए हुए गौरव को पुन:
- *हमारे कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क तुरंत बनाएँ - संपर्क सूत्र राज ऋषि जी ( हाडोती)- 09982771573 कुँवर राजेंद्र सिंह(गुरगाव) - 09957330847,09783400450 कुँवर भवानी सिंह (दिल्ली) - 09213365865 -09422788740 कुँवर तेजवीर सिंह जादौन -09414231797, 09968044887 डा सिकरवार - 09981932302 श्री भरत सिंह चौहान - 09414814342 श्री मान सिंह राठौड़ - 09460609888 कुँवर संजीव सिंह (बिहार) - 09708409309 कर्नल D.R.S. सिकरवार(लखनौ) - 09415021582 कुँवरानी निशा कँवर (गुरगाव)- 09350038422 ई-मेल [email protected] [email protected]
- लोकेन्द्रसिंह जी कालवी ; राज ऋषि श्रीमान ठाकुर उम्मेदसिंह जी धौली ( अध्यक्ष : जौहर स्मृति संस्थान , चित्तोड़ ) , समारोह के अध्यक्ष : श्रीमान सुरेन्द्रसिंह जी सिंगरौली ( विधायक , मंडलगढ़ ) , श्रीमान भैरूसिंह जी चौहान ( पूर्व अध्यक्ष : जि . प.च ित्तोड़ ) , श्रीमान ठा . मनोहरसिंह जी कृष्णावत ( भूपाल नोबल्स , उदयपुर ) , श्रीमान रावत युग्प्रदिप सिंघजी हमीरगढ़ , श्री शक्तिसिंह जी कारोही ; श्री प्रद्युम्न सिंहजी बदलियास ; श्री गजराज सिंह जी हाथीपुरा ; श्री . मेघसिंहजी , श्री .
- लोकेन्द्रसिंह जी कालवी ; राज ऋषि श्रीमान ठाकुर उम्मेदसिंह जी धौली ( अध्यक्ष : जौहर स्मृति संस्थान , चित्तोड़ ) , समारोह के अध्यक्ष : श्रीमान सुरेन्द्रसिंह जी सिंगरौली ( विधायक , मंडलगढ़ ) , श्रीमान भैरूसिंह जी चौहान ( पूर्व अध्यक्ष : जि . प.च ित्तोड़ ) , श्रीमान ठा . मनोहरसिंह जी कृष्णावत ( भूपाल नोबल्स , उदयपुर ) , श्रीमान रावत युग्प्रदिप सिंघजी हमीरगढ़ , श्री शक्तिसिंह जी कारोही ; श्री प्रद्युम्न सिंहजी बदलियास ; श्री गजराज सिंह जी हाथीपुरा ; श्री . मेघसिंहजी , श्री .
- अत : अब यह सभी प्रबुद्ध नागरिक ,मनीषी,साधू-जन एवं समस्त मानव-जाति का परम कर्तव्य है कि “क्षात्र-धर्मं को पुनर्स्थापित कर इस सृष्टि को समस्त चर-अचर जीवो के रहने योग्य बनाया जा सके” ! “ जय क्षात्र-धर्मं ” “कुँवरानी निशा कँवर नरुका ” [राजस्थान] श्री क्षत्रिय वीर ज्योति मिशन वीरभूमी चित्तोड द्वितीय क्षत्रिय मंथन शिबिर का आयोजन...! सम्मानीय क्षत्रिय बंधु जय संघ शक्ति ....! मुझे “श्री क्षत्रिय वीर ज्योति” के संस्थापक राज ऋषि मधुसूदन दास जी महाराज द्वारा आप जैसे चुनिंदा क्षत्रिय सरदारो के साथ संपर्क करने हेतु निर्देशित किया गया है!
- सिरोही संस्थान के भूतपूर्व महाराजा श्री रघुवीरसिंह जी ने इतिहास के प्रेरक प्रसंग बताकर उपस्थित कार्यकर्ताओं को क्षात्र-धर्म के पुनर्जागरण का आवाहन किया ! जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष श्री राज ऋषि उम्मेदसिंह जी धौली ने मेवाड़ी भाषा में भाषण कर उपस्थित लोगोंका दिल जीता ! उन्होंने आज के युवाओं से समाज के लिए समर्पित होने की आवश्यकता जताई ! ठाकुर श्री मनोहरसिंह जी कृष्णावत ने समाज कार्य के लिए हर एक घर से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिले और आगे आये तब ही हम गति से आगे बढ़ेंगे .....
- और कमसे कम मैं अपने बाप की हर बुराई में अच्छाई देखता हूँ ! श्री गाँधी एकलौते राज ऋषि थे जिन्हें राष्टपिता के आलावा किसी और नाम से पुकारना संभव नहीं ! बापू पर सांप्रदायिक होने के भी आरोप लगे हैं मगर उसी सांप्रदायिक बुद्दे में इतना दम था की अपने अनशन के बल पर दंगों को रुक्जाने पर मजबूर करता था ! गालियाँ दी जाए या पूजा जाए जब जब भारत की बात होगी श्री गाँधी के बगैर पूरा व्याख्यान अधुरा होगा आपके लेखन में और पैनापन आसकता था अगर आप इसे विश्लेषण और मध्यस्ता से लिखते !