लालफीता का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- सैम पित्रोदा ने कहा कि उनके व्यक्तिगत राय में ऐसा होना ही चाहिए , और वे भरसक प्रयास करते हैं , मगर उन्होंने माना कि भारतीय बाबूगिरी और विविध राज्यों की सरकारों में जमी लालफीता शाही और अनिर्णय की क्षमता इन कामों में आड़े आती है .
- बड़े पूंजीपतियों तथा व्यापारियों को लालफीता शाही की जकड़ से मुक्त करने के लिए मनमोहन सरकार उदार से उदारतर होती जा रही है , लेकिन हैरानी की बात यह है कि भारत के गर्व विज्ञान अनुसंधान को इस लालफीता शाही से मुक्त करना उसके वश में नहीं !
- बड़े पूंजीपतियों तथा व्यापारियों को लालफीता शाही की जकड़ से मुक्त करने के लिए मनमोहन सरकार उदार से उदारतर होती जा रही है , लेकिन हैरानी की बात यह है कि भारत के गर्व विज्ञान अनुसंधान को इस लालफीता शाही से मुक्त करना उसके वश में नहीं !
- साल 2001 में एक बार फिर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए फिल्म बंधु सोसाईटी की स्थापना की लेकिन दस साल बीत जाने के बाद भी व्यवहार में कोई आश्चर्य जनक परिणाम देखने को नहीं मिले और ये तमाम योजनाएं लालफीता शाही और राजनैतिक प्रतिबद्धता के अभाव में कागज के मात्र कोरे शब्द ही साबित हुईं |
- कलेक्टर और तहसीलदार साहब के घर दुध पहुँचाने की आड़ में किसानों से हजारों रुपये डकारने वाले पटवारियों और आरआई से गरीब आदिवासी कृषकों को कब मुक्ति मिल सकेगी ? लालफीता शाही और रिश्वतखोरी के पंजे से भूमिपुत्र को कैसे बचाया जा सकता है और इसमें कंप्यूटर और इंटरनेट कैसे उपयोगी साबित हो सकता है इस दिशा में कौन-कौन से कारगर कदम उठाये जा सकते हैं ?
- कलेक्टर और तहसीलदार साहब के घर दुध पहुँचाने की आड़ में किसानों से हजारों रुपये डकारने वाले पटवारियों और आरआई से गरीब आदिवासी कृषकों को कब मुक्ति मिल सकेगी ? लालफीता शाही और रिश्वतखोरी के पंजे से भूमिपुत्र को कैसे बचाया जा सकता है और इसमें कंप्यूटर और इंटरनेट कैसे उपयोगी साबित हो सकता है इस दिशा में कौन-कौन से कारगर कदम उठाये जा सकते हैं ?
- कलेक्टर और तहसीलदार साहब के घर दुध पहुँचाने की आड़ में किसानों से हजारों रुपये डकारने वाले पटवारियों और आरआई से गरीब आदिवासी कृषकों को कब मुक्ति मिल सकेगी ? लालफीता शाही और रिश्वतखोरी के पंजे से भूमिपुत्र को कैसे बचाया जा सकता है और इसमें कंप्यूटर और इंटरनेट कैसे उपयोगी साबित हो सकता है इस दिशा में कौन-कौन से कारगर कदम उठाये जा सकते हैं ?
- कलेक्टर और तहसीलदार साहब के घर दुध पहुँचाने की आड़ में किसानों से हजारों रुपये डकारने वाले पटवारियों और आरआई से गरीब आदिवासी कृषकों को कब मुक्ति मिल सकेगी ? लालफीता शाही और रिश्वतखोरी के पंजे से भूमिपुत्र को कैसे बचाया जा सकता है और इसमें कंप्यूटर और इंटरनेट कैसे उपयोगी साबित हो सकता है इस दिशा में कौन-कौन से कारगर कदम उठाये जा सकते हैं ?
- सरकार के पास केवल नीतियां बनाने और उनको क्रियान्वित करवाने जैसे मूलभूत काम ही होने चाहिए क्योंकि किसी भी तरह का नियंत्रण केवल सरकारी मशीनरी को भ्रष्ट बनाने का ही काम करता है और भारत में पहले से ही हर जगह पर लालफीता शाही चल रही है तो ऐसे में जिन क्षेत्रों में इसे ख़त्म किया जा सकता कम से कम वहां पर तो प्रयास किये ही जाने चाहि ए .
- मगर मुख्यमंत्री के बयान के बाद भी गांव सावंतखेड़ा में तो स्कूल 8 से 2 बजे तक चल रहा है वहीं दूसरी और गांव मांगेआना में स्कूल सुबह 7 से दोपहर ढाई बजे तक चल रहा है हालांकि यह दोनों गांव खंड शिक्षा अधिकारी डबवाली के अधीन आते है अब यह तो अधिकारियों की लालफीता शाही ही बता सकती है कि ऐसा क्यों हो रहा है कि कहीं तो स्कूलों का समय 8 से 2 बजे तक है और कहीं सुबह 7 से अढाई बजे तक चल रहा है।