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वह्रि का अर्थ

वह्रि अंग्रेज़ी में मतलब

उदाहरण वाक्य

  1. जैसे - “किसी भी धूम में यदि वह्रि का व्यभिचार होगा तो वह्रि धूम का कारण न हो सकेगा और यह संभव नहीं है कि वह्रि को धूम का कारण न माना जाए;
  2. जैसे - “किसी भी धूम में यदि वह्रि का व्यभिचार होगा तो वह्रि धूम का कारण न हो सकेगा और यह संभव नहीं है कि वह्रि को धूम का कारण न माना जाए;
  3. जैसे - “किसी भी धूम में यदि वह्रि का व्यभिचार होगा तो वह्रि धूम का कारण न हो सकेगा और यह संभव नहीं है कि वह्रि को धूम का कारण न माना जाए;
  4. यथा-पूर्व के इन्द्र , अग्निकोण के वह्रि, दक्षिण के यम, नैऋत्यकोण के नैऋत, पश्चिम के वरूण, वायु कोण के मरूत्, उत्तर के कुबेर, ईशान कोण के ईश, ऊर्ध्व दिशा के ब्रह्मा और अधो दिशा के अनंत।
  5. पूर्ववत् = एक आश्रय में एक साथ प्रत्यक्ष दो पदार्थों में जैसे- पाकशाला में एक प्रत्यक्ष देखे गए धूम और एक से दूसरे का पूर्व की भाँति साथ होने का अनुमान वह्रि में धूम से पर्वत वह्रि का अनुमान
  6. पूर्ववत् = एक आश्रय में एक साथ प्रत्यक्ष दो पदार्थों में जैसे- पाकशाला में एक प्रत्यक्ष देखे गए धूम और एक से दूसरे का पूर्व की भाँति साथ होने का अनुमान वह्रि में धूम से पर्वत वह्रि का अनुमान
  7. 1 . पूर्ववत् = एक आश्रय में एक साथ प्रत्यक्ष दो पदार्थों में जैसे- पाकशाला में एक प्रत्यक्ष देखे गए धूम और एक से दूसरे का पूर्व की भाँति साथ होने का अनुमान वह्रि में धूम से पर्वत वह्रि का अनुमान
  8. 1 . पूर्ववत् = एक आश्रय में एक साथ प्रत्यक्ष दो पदार्थों में जैसे- पाकशाला में एक प्रत्यक्ष देखे गए धूम और एक से दूसरे का पूर्व की भाँति साथ होने का अनुमान वह्रि में धूम से पर्वत वह्रि का अनुमान
  9. दस दिशा के दस दिग्पाल : ऊर्ध्व के ब्रह्मा, ईशान के शिव व ईश, पूर्व के इंद्र, आग्नेय के अग्नि या वह्रि, दक्षिण के यम, नैऋत्य के नऋति, पश्चिम के वरुण, वायव्य के वायु और मारूत, उत्तर के कुबेर और अधो के अनंत।
  10. शिवशक्त्यात्मकं ज्ञेयं श्रीचक्रं शिवयोर्वपु : ॥ के अनुसार पांच शक्ति - त्रिकोण , अष्टार , अन्तर्दशार , बहिर्दशार , और चतुर्दशार ये पांच अधोमुख त्रिकोण शक्तिचक्र है , चार वह्रि ( शिव ) -बिन्दु अष्टदल षोडशादल भूपुर या चतुरस्त्र ये चार ऊर्ध्वमुख त्रिकोण वह्रि ( शिव ) चक्र है।
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