विनाश काल का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कंस ने मन में विचार किया ' समय से इतने पहले चेतावनी मिली है अब बारिश से पहले यदि बांध न बांधा तो हम इतिहासज्ञ कैसे? हम सम्राट कैसे?' नारद ने कहा- ये तेरे विनाश काल की विपरीत बुद्धि है।
- आपका हंसना बेकार है , ऐसा आज शायद हम नहीं दिखा सकें , लेकिन अगर हममें कुछ दम होगा तो आप देखेंगे कि आपका मद बेकार है और आपका हंसना ( विनाश काल की ) विपरीत बुद्धि की निशानी है।
- वे विनाशकाले विपरीत बुद्धि कहकर भविष्य में मेरे इसी पंथ का अनुयायी बनने की कामना भी करते थे लेकिन साल दर साल गुजरते गये , विपरीत बुद्धि के सामने विनाश काल नहीं आया बल्कि श्रेष्ठ काल ही आया है तो अब वे अपने गुरू की आलोचना सुनने से नहीं गुस्साते।
- वास्तविक भाव अत : तीनों आख्यानों का वास्तविक भाव है कि पिछली चतुर्युगी के अन्त में जब विनाश काल निकट था और सृष्टि पर अज्ञान तथा तमोगुण रुप रात्रि छाई हुई थी तब राग ( मधु ) और द्वेष ( कैटभ ) ने ( शुम्भ और निशुम्भ ) उन सभी नर-नारियों को जो कि सतयुग में दिव्यता सम्पन्न होने से देवी-देवता थे परन्तु धीरे-धीरे अपवित्रता की ओर अग्रसर होते आये थे , अपना बन्दी बना रखा था।