व्यथाकथा का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- सिर्फ एक रोचक किस्से की तरह या लातीनी अमेरिकी उपन्यास कला की तरह , आधुनिकता के झंझावात में फंसे एक जनजाति की व्यथाकथा के रूप में भी और बौद्धिक बहसों की तरह भी।
- जब तक शून्य का भय ख़त्म नहीं होतातुम दिए की मानिंद अखंड जागते रहोगेठीक उसी तरहजिस तरह ख़्वाबों को हकीकत बनाने मेंतुम निरंतर जागते रहे हो . .......एक अकथ व्यथाकथा होती है ख्वाबों को हकीकत तक ले जाने की..
- ' जब तक शून्य का भय ख़त्म नहीं होतातुम दिए की मानिंद अखंड जागते रहोगेठीक उसी तरहजिस तरह ख़्वाबों को हकीकत बनाने मेंतुम निरंतर जागते रहे हो ........एक अकथ व्यथाकथा होती है ख्वाबों को हकीकत तक ले जाने की..
- वनगमन से लौट आने की व्यथाकथा जारी रहेगी , इससे पहले वहाँ मिला एक महत्वपूर्ण स्कूप बता देना राष्ट्रहित में है ! इसलिये आमोद प्रमोद की इस दुनिया में ' देशहित ' का एक ब्रेक लेने की अनुमति चाहूँगा ! अईयो साईं आला रे आला ने बहुसंख्यक राष्ट्रीय पशुवत जनता क
- वनगमन से लौट आने की व्यथाकथा जारी रहेगी , इससे पहले वहाँ मिला एक महत्वपूर्ण स्कूप बता देना राष्ट्रहित में है ! इसलिये आमोद प्रमोद की इस दुनिया में ' देशहित ' का एक ब्रेक लेने की अनुमति चाहूँगा ! अईयो साईं आला रे आला ने बहुसंख्यक राष्ट्रीय पशुवत जनता को दूसरे पायदान पर और अल्पसंख्यक होते जाते राष्ट्रीय पशु बाघ की प्राथमिकता को ऊपर क्या रख दिया..
- वनगमन से लौट आने की व्यथाकथा जारी रहेगी , इससे पहले वहाँ मिला एक महत्वपूर्ण स्कूप बता देना राष्ट्रहित में है ! इसलिये आमोद प्रमोद की इस दुनिया में ' देशहित ' का एक ब्रेक लेने की अनुमति चाहूँगा ! अईयो साईं आला रे आला ने बहुसंख्यक राष्ट्रीय पशुवत जनता को दूसरे पायदान पर और अल्पसंख्यक होते जाते राष्ट्रीय पशु बाघ की प्राथमिकता को ऊपर क्या रख दिया..
- वनगमन से लौट आने की व्यथाकथा जारी रहेगी , इससे पहले वहाँ मिला एक महत्वपूर्ण स्कूप बता देना राष्ट्रहित में है ! इसलिये आमोद प्रमोद की इस दुनिया में ' देशहित ' का एक ब्रेक लेने की अनुमति चाहूँगा ! अईयो साईं आला रे आला ने बहुसंख्यक राष्ट्रीय पशुवत जनता को दूसरे पायदान पर और अल्पसंख्यक होते जाते राष्ट्रीय पशु बाघ की प्राथमिकता को ऊपर क्या रख दिया ..
- पहले तो बिटिया को स्नेहाशीष -पापा से बड़ी बनकर दिखाए ! फिर आपकी व्यथाकथा और सत्य कथन ! क्या कहें ? दुर्भाग्य से स्थितियां ऐसी ही हैं -मुहम्मद को मर्यादा पुरुषोत्तम के साथ रख दिया गया ? वोट की राजनीति की टुच्चई है यह सब ! बच्चों को कंडीशन किया जा रहा है धर्मांध राज्य के लिए ! दुनियावी समझ आते आते आ जायेगी ! हम तो अभिशप्त हुए मगर हमारी संतति कही उससे भी अधिक अभिशप्त न हो जाय -आपकी व्यथाकथा हमारी ही समवेत विभीषिका है !
- पहले तो बिटिया को स्नेहाशीष -पापा से बड़ी बनकर दिखाए ! फिर आपकी व्यथाकथा और सत्य कथन ! क्या कहें ? दुर्भाग्य से स्थितियां ऐसी ही हैं -मुहम्मद को मर्यादा पुरुषोत्तम के साथ रख दिया गया ? वोट की राजनीति की टुच्चई है यह सब ! बच्चों को कंडीशन किया जा रहा है धर्मांध राज्य के लिए ! दुनियावी समझ आते आते आ जायेगी ! हम तो अभिशप्त हुए मगर हमारी संतति कही उससे भी अधिक अभिशप्त न हो जाय -आपकी व्यथाकथा हमारी ही समवेत विभीषिका है !