समर्थ रामदास स्वामी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- समर्थ रामदास स्वामी ने संभाजी के नाम प्रेषित पत्र में उन्हें अपने पिता स्वरूप जीवन जीने का परामर्श दिया जिन शब्दों में समर्थ रामदास स्वामी ने छत्रपति शिवाजी के प्रति अपनी भावनाएं प्रकट कीं , उनसे हम सभी परिचित हैं।
- इस नाम के समर्थन में उस स्वयंवेक ने कहा कि यह सही है कि समर्थ रामदास स्वामी और छत्रपति शिवाजी ने जुल्म ढहाने वाली बर्बर यावनी सत्ता को नष्ट कर स्वराज्य की स्थापना की- यही कार्य हमें भी करना है।
- इसी तत्व के अनुसार श्री समर्थ रामदास स्वामी कहते हैं ' कीर्ति की ओर देखने से सुख नहीं है और सुख की ओर देखने से कीर्ति नहीं मिलती * ; और वे उपदेश भी करते हैं कि ' हे सज्जन मन ! ऐसा काम करो जिससे मरने पर कीर्ति बनी रहे।