सुकेशा का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- तं त्वा पृच्छामि क्वासौ पुरुष इति ॥ १ ॥ तदनन्तर उन पिप्पलादाचार्य से भरद्वाज के पुत्र सुकेशा ने पूछा- “ भगवन् ! कोसल देश के राजकुमार हिरण्यनाभ ने मेरे पास आकर यह प्रश्न पूछा था- ‘ भारद्वाज ! क्या तू सोलह कलाओं वाले पुरुष को जानता है ? ' तब मैंने उस कुमार से कहा- ‘ मैं इसे नहीं जानता ; यदि मैं इसे जानता होता तो तुझे क्यों न बतलाता ? जो पुरुष मिथ्या भाषण करता है वह सब ओर से मूलसहित सूख जाता है ; अतः मैं मिथ्या भाषण नहीं कर सकता।