अंशी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- रश्मिप्रभा जी , आपका,स्नेह भरा संदेश, अंजनेय और अंशी के लिये अच्छा लगा ! धन्यवाद!
- अंश एवं अंशी में भेद न होने के कारण जीव-जगत् और ब्रह्म में परस्पर
- आत्मा का अन्तिम लक्ष्य भी अपने अंशी में विलीन होना है अर्थात मोक्ष प्राप्ति है।
- विस्मय के अंशी है ( ईशोपनिषद व संस्कृत कविताओं का गीत रूपान्तर) धरती प्रकाशन, बीकानेर 1988
- अत : दोनों समान होने पर भी ब्रम्हाण्ड अंशी और पिण्ड उसका अंश मात्र है।
- अंश एवं अंशी में भेद न होने के कारण जीव-जगत् और ब्रह्म में परस्पर अभेद है।
- अंश एवं अंशी में भेद न होने के कारण जीव-जगत् और ब्रह्म में परस्पर अभेद है।
- अंश एवं अंशी में भेद न होने के कारण जीव-जगत् और ब्रह्म में परस्पर अभेद है।
- जगत और जीव ब्रह्म के अंश मात्र हैं और अंश तथा अंशी में भेदाभेद सम्बन्ध है।
- मूलतः तात्विक दृष्टि से जड़ कही जाने प्रकृति भी चेतन से - अंशी से आच्छादित है।