अचरा का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- थाना मेरापुर क्षेत्र की चौकी अचरा में तैनात दरोगा के उत्पीड़न से परेशान थाना क्षेत्र के ही ग्राम दिवरा मासौना निवासी प्रधान पति बालिस्टर सिंह ने पुलिस अधीक्षक नीलाब्जा चौधरी से न्याय की गुहार लगायी है।
- कायमगंज ( फर्रुखाबाद ) : कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के ग्राम इनायतपुर में शमशान की भूमि का पट्टा कर देने के विवाद में गुरुवार को लगभग दो सैकड़ा लोगों ने कायमगंज अचरा मार्ग पर जाम लगा दिया।
- फर्रुखाबाद : थाना मेरापुर क्षेत्र की चौकी अचरा में तैनात दरोगा के उत्पीड़न से परेशान थाना क्षेत्र के ही ग्राम दिवरा मासौना निवासी प्रधान पति बालिस्टर सिंह ने पुलिस अधीक्षक नीलाब्जा चौधरी से न्याय की गुहार लगायी है।
- गीत ले तो आये हो हमें सपनों के गांव में प्यार की छांव में बिठाए रखना सजना ओ सजना , श्यामा ओ श्यामा , अचरा में फुलवा लईके आए रे हम तोहरे द्वार आदि आज भी ख़ासे पसंद किए जाते हैं .
- गीत ले तो आये हो हमें सपनों के गांव में प्यार की छांव में बिठाए रखना सजना ओ सजना , श्यामा ओ श्यामा , अचरा में फुलवा लईके आए रे हम तोहरे द्वार आदि आज भी ख़ासे पसंद किए जाते हैं .
- कोसी की कहर से विस्थापित बाढ़ पीड़ितों से सुरसर शिविर में मिलने जा रहे बिहार सरकार के वन एवं पर्यावरण सह आपदा प्रबंधन प्रभारी मंत्री रामजी दास ऋषिदेव के काफिले पर अचरा के ग्रामीणों ने बुधवार को हमला बोल दिया जिसमें मंत्री , उनके...
- अम्बुआ की डारी पड़ रही बुंदिया , अचरा से उलझे लहरिया, लहरिया...बिना झूलनी. हम गवनवा न जाइवे हो बिना झूलनी, सकल बन गगन पवन चलत पुरवाई री, माई रुत बसंत आयी फूलन छाई बेलरिया डार डार अम्बुअन की कोहरिया रही पुकार और मेघवा बूंदन झर लाई..
- अम्बुआ की डारी पड़ रही बुंदिया , अचरा से उलझे लहरिया, लहरिया...बिना झूलनी. हम गवनवा न जाइवे हो बिना झूलनी, सकल बन गगन पवन चलत पुरवाई री, माई रुत बसंत आयी फूलन छाई बेलरिया डार डार अम्बुअन की कोहरिया रही पुकार और मेघवा बूंदन झर लाई..
- अम्बुआ की डारी पड़ रही बुंदिया , अचरा से उलझे लहरिया, लहरिया...बिना झूलनी. हम गवनवा न जाइवे हो बिना झूलनी, सकल बन गगन पवन चलत पुरवाई री, माई रुत बसंत आयी फूलन छाई बेलरिया डार डार अम्बुअन की कोहरिया रही पुकार और मेघवा बूंदन झर लाई..
- अम्बुआ की डारी पड़ रही बुंदिया , अचरा से उलझे लहरिया, लहरिया...बिना झूलनी. हम गवनवा न जाइवे हो बिना झूलनी, सकल बन गगन पवन चलत पुरवाई री, माई रुत बसंत आयी फूलन छाई बेलरिया डार डार अम्बुअन की कोहरिया रही पुकार और मेघवा बूंदन झर लाई..