अपादान का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कुछ पद अपादान और अधिकरण कारक में विभक्त्यंत मिलते हैं-गोठूँ ( गाँव से), घरूँ (घर में), पटि (जमीन पर), वेलि (समय पर)।
- कुछ पद अपादान और अधिकरण कारक में विभक्त्यंत मिलते हैं-गोठूँ ( गाँव से), घरूँ (घर में), पटि (जमीन पर), वेलि (समय पर)।
- 5 . अपादान कारक संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वह अपादान कारक कहलाता है।
- 5 . अपादान कारक संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वह अपादान कारक कहलाता है।
- 5 . अपादान कारक संज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वह अपादान कारक कहलाता है।
- परन्तु अपादान का ' से ' इस अर्थ में नहीं आता , उसके ' से ' में अलग करने का भाव है।
- ।तैं जनै : (तै: जनै:); कर्म, संप्रदान, अपादान और अधिकरण में प्राय: संबंध के मूल रूप में ही परसर्ग जोड़कर काम निकाला जाता है;
- परंपरागत हिंदी व्याकरण में और सर्वभाषा व्याकरण में भी अपादान के रूप में निम्नलिखित वाक्यों में ‘ से / from ' के प्रयोग की सार्वभौमिक प्रवृत्ति है .
- राजस्थानी की वाक्यरचनागत विशेषताओं में प्रमुख उक्तिवाचक क्रिया के कर्म के साथ संप्रदान कारक का प्रयोग है , जबकि हिन्दी में यहाँ 'करण या अपादान' का प्रयोग देखा जाता है।
- अपादान कारक उपचार के लिए इस रेडियोधर्मी आयोडीन के समस्थानिक का प्रयोग नैदानिक रेडियोआयोडीन ( आयोडीन-123) की तुलना में अधिक शक्तिशाली होता है, जिसका जैविक अर्द्ध जीवन 8-13 घंटे होता है.