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अरस का अर्थ

अरस अंग्रेज़ी में मतलब

उदाहरण वाक्य

  1. प्रियतमने , पुरी = पूर्ण, केई ृ= किया, खिल्ल = हँसी, पिरी = प्रीतम, पसो = देखो, या = अथवा, रांद = खेल, के = को, हक = धनी, बेठो = बैठे हैं, अरस = परमधाम, तो = आपके, दिल = दिलमें ।
  2. अरस शमन है प्रगति का घमंड वीरवशान क्रोध खंगारत रिश्ते को तजहूँ समय धरि ध्यान ॥ सुरभि चमके सुरभि में तारा ज्यों द्विज पास मानव चमके शुद्धाचरण धरि संतन के आश ॥ अनंत शर्म निज कर्म पर चखि अरस कर स्वाद सोवत विगत समुन्नत लखि रोवत होत बर्बाद ॥ अनिल गुरु सन
  3. अरस शमन है प्रगति का घमंड वीरवशान क्रोध खंगारत रिश्ते को तजहूँ समय धरि ध्यान ॥ सुरभि चमके सुरभि में तारा ज्यों द्विज पास मानव चमके शुद्धाचरण धरि संतन के आश ॥ अनंत शर्म निज कर्म पर चखि अरस कर स्वाद सोवत विगत समुन्नत लखि रोवत होत बर्बाद ॥ अनिल गुरु सन
  4. अरस शमन है प्रगति का घमंड वीरवशान क्रोध खंगारत रिश्ते को तजहूँ समय धरि ध्यान ॥ सुरभि चमके सुरभि में तारा ज्यों द्विज पास मानव चमके शुद्धाचरण धरि संतन के आश ॥ अनंत शर्म निज कर्म पर चखि अरस कर स्वाद सोवत विगत समुन्नत लखि रोवत होत बर्बाद ॥ अनिल गुरु सन . ..
  5. अरस शमन है प्रगति का घमंड वीरवशान क्रोध खंगारत रिश्ते को तजहूँ समय धरि ध्यान ॥ सुरभि चमके सुरभि में तारा ज्यों द्विज पास मानव चमके शुद्धाचरण धरि संतन के आश ॥ अनंत शर्म निज कर्म पर चखि अरस कर स्वाद सोवत विगत समुन्नत लखि रोवत होत बर्बाद ॥ अनिल गुरु सन . ..
  6. अरस = धाम , दिल = दिल, मोमिन = आत्मा, जो = का, जे = जो, पसे = देखें, अरस = परमधाम, मोमन = ब्रह्मसृष्टि, चाहिए = इच्छा करते, कोठियां = बुलाना, हक = प्रीतम, अरसमें = धाममें, त = तब, तो = तो, पेरो = पहला, न्हाए = नहीं है, ए = यह, तन = शरीर ।
  7. अरस = धाम , दिल = दिल, मोमिन = आत्मा, जो = का, जे = जो, पसे = देखें, अरस = परमधाम, मोमन = ब्रह्मसृष्टि, चाहिए = इच्छा करते, कोठियां = बुलाना, हक = प्रीतम, अरसमें = धाममें, त = तब, तो = तो, पेरो = पहला, न्हाए = नहीं है, ए = यह, तन = शरीर ।
  8. तुमने खुशबू की तरह मुझ को चुराया होगा एक अरस लमहे मे बिताया होगा -अनूप कू-ब-कू फैल गई बात शनासाई की उसने खुशबू की तरह मेरी पज़िराई की -परवीन शाकिर दोनो मे “खुशबू की तरह” सिमिली का प्रयोग है , परवीन शाकिर की बहर सेट है काफ़िया सेट है और शब्द कम हैं बात बहुत गहरी है सब्टेल है युनीक है.
  9. मुझे क्लब की आम बैठक में भ्रष् टाचार का मुद्दा उठाने के एवज में सबक सिखाने के लिये आज तक चंडीगढ़ प्रेस क्लब से निलम्बित रखा गया है , ताकि मैं आने वाली किसी क्लब की आम बैठक में प्रेस क्लब की प्रबंधक समिति से इंद्रप्रीत सिंह के साले जसवंत सिंह की फर्म अरस इन्टरप्राइजिज तथा सरबजीत पंधेर के साढू की फर्म साहर फाऊडेंशन आर्किटेक् ट इंजीनियर्स एण्ड़ प्लानर्स को दिये गये ठेकों का ब्यौरा न मांग सकूं।
  10. पहले १ ० शिर और १ ० मुख वाला ब्राह्मण उत्पन्न हुआ पहले उसने सोम रस का पान किया फिर अपने आसुरी कृत्यों से उसे अरस बना दिया ! वि का अर्थ एकाक्षर कोष के अनुसार पक्षी तथा ष का अर्थ श्रेष्ठ है अर्थात उसने पक्षिराज जटायु को प्राणहीन बना दिया ! रावण की उत्पत्ति के समय उसके १ ० शिर और २ ० भुजाएं थीं -जनयामास बीभत्सं रक्षोरूपं सुदारुणम् ! दशग्रीवं -विन्शतिभुजम् -वाल्मीकि रामायण उत्तरकांड 9 / 28 - 29 .
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