आत्म-गौरव का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- आत्म-गौरव का स्थायी भाव- समाज में हर प्राणी का कुछ निश्चित क्षेत्र होता है।
- ओर झाँका- सारी दुनिया परेशान-सी काम के पीछे भाग रही है और आत्म-गौरव को
- किन्तु आत्म-गौरव का दुर्ग किसी की सहज पाप-वासना को वहाँ फटकने नहीं देता था।
- भारतीय इस ' महानता ' के रोग न भी पाले , आत्म-गौरव से वंचित रहे।
- भारतीय इस ' महानता ' के रोग न भी पाले , आत्म-गौरव से वंचित रहे।
- बहू में आत्म- सम्मान जरा भी नहीं था ; न सास में आत्म-गौरव का जोश।
- इस ताने के आते ही हमारा भी आत्म-गौरव जाग उठा और तन-बदन में आग लग गई . ...
- कभी स्वाभिमान , अस्मिता, आत्म-गौरव, और देश भक्ति जगाने के लिए भारतकी गौरव पूर्ण बाते भी हिंदुको बताते थे।
- आत्म-गौरव का और भी महत्व है- यह स्वयं को और दूसरे लोगांे को समझने की भी कंुजी है।
- किन्तु किसी जाति के अत्याचार ही दूसरी जाति को आत्म-सम्मान एवं आत्म-गौरव के रक्षार्थ प्रेरित करते हैं ।