आफ़ियत का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- लेकिन यह ख़याल उन्हीं लोगों का है जो आख़ेरत की तरफ़ से यकसर ग़ाफ़िल हैं और उन्हें इस लुत्फ़ अन्दोज़ी के अन्जाम की ख़बर नहीं है वरना इस नुक्ते की तरफ़ मुतवज्जे हो जाते तो मारगुज़ीदा की तरह तड़पने को बिस्तरे हरीर पर आराम करने से ज़्यादा पसन्द करते और मुफ़लिसतरीन ज़िन्दगी गुज़ारने ही को आफ़ियत व आराम तसव्वुर करते।- ) ))
- ( (( इन्सान की फ़ितरत है के जब मुसीबत में मुब्तिला हो जाता है तो दुआएं करने लगता है और दूसरों से दुआओं की इल्तिमास करने लगता है और जैसे ही बला टल जाती है दुआओं से ग़ाफ़िल हो जाता है और इस नुक्ते को अकसर नज़रअन्दाज़ कर देता है के इस आफ़ियत के पीछे भी कोई बला हो सकती है और मौजूदा बला से बालातर हो सकती है।
- लड़ें क्यूं हिन्दुओं से हम , यहीं के अन्न पे पनपे हैं हमारी भी दुआ ये है कि गंगाजी की बढ़ती हो ज़र्रे ज़र्रे से लगावट की ज़रूरत है यहां आफ़ियत चाहे तो इनसान ज़मींदार न हो मय भी होटल में पियो, चंदा भी दो मस्जि़द में शैख़ भी ख़ुश रहें, शैतान भी बेज़ार न हो शैख़जी के दोनों बेटे बा-हुनर पैदा हुए एक हैं ख़ुफिया पुलिस में , एक फांसी पा गए आफ़ियत-भलाई
- दिल तेरे इंतज़ार में कल रात- भर जला नर्गिस का फूल पिछले पहर तक खिला रहा पहले तो अपने आपसे बेजारियाँ ( १ ) बढ़ी फिर यों हुआ कि तुझसे भी दिल ऊबने लगा अच्छा हुआ कि सारे खिलौने बिखर गए गुंचे , सुबू , ( २ ) शराब , शफ़क , चाँदनी सबा ( ३ ) सहरा की वुसअतों ( ४ ) में न जब आफ़ियत मिली मैं शहर-शहर दिल का सकूँ …
- बिला शुब्हा ( निस्संदेह ) दुनिया उस शख्स के लिये जो बावर ( विश्वास ) करे , सच्चाई का घर है , और जो उस की इन बातों को समझे उस के लिये अम्नो आफ़ियत ( शांति एवं कुशलता ) की मंज़िल है और उस से ज़ादे राह ( रास्ते का सामान ) हासिल कर ले , उस के लिये दौलतमन्दी ( समृद्घि ) की मंज़िल है और जो उस से नसीहत हासिल करे उस के लिये वअज़ व नसीहत ( प्रवचन व उपदेश ) का महल ( स्थान ) है।