आहारनाल का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- इसका कारण तेल में पाए जानेवाले तत्व का आहारनाल में रहने वाले तीन प्रकार के जीवाणुओं पडने वाला प्रभाव है।
- अल्पपोषक तत्वोंवाले , अनुपयोगी पदार्थों का उपयोग करने में समर्थ, आहारनाल के अतिरिक्त, भंगीकीटों के स्वभाव में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होती।
- आहारनाल के अग्र और पश्च भाग की भित्ति भीतर की और तथा श्वसननलिकाएँ बाह्यत्वक् के एक बहुत महीन स्तर से ढकी रहती हैं।
- यह लंबे , बेलनाकर, खंडहीन शरीरवाले प्राणी हैं, जिनमें नर और मादा अलग होते हैं, आहारनाल पूर्ण होती है और देहगुहा वर्तमान होती है।
- यह लंबे , बेलनाकर, खंडहीन शरीरवाले प्राणी हैं, जिनमें नर और मादा अलग होते हैं, आहारनाल पूर्ण होती है और देहगुहा वर्तमान होती है।
- आहारनाल के अग्र और पश्च भाग की भित्ति भीतर की और तथा श्वसननलिकाएँ बाह्यत्वक् के एक बहुत महीन स्तर से ढकी रहती हैं।
- पोषक पदार्थों का परिवहन - रक्त आहारनाल में पचें हुए अवशोषित किए गए पोषक पदार्थों को शरीर के विभिन्न भागों में पहुँचाता है।
- आहारनाल के अग्र और पश्च भाग की भित्ति भीतर की और तथा श्वसननलिकाएँ बाह्यत्वक् के एक बहुत महीन स्तर से ढकी रहती हैं।
- यह आहारनाल के पश्चात् के कुछ आगे से एक डाइवर्टिक्युलम के रूप में उत्पन्न होता है और भ्रुण के ऊपर चारों ओर फैल जाता है।
- रिएक्टिव आर्थराइटिस आहारनाल के संक्रमण कि वजह से भी हो सकता है जैसे सालमोनैला , शिजैला,कमपाइलोबैक्टर, या यरसीनिया जो कि दस्त और उल्टी भी कर सकते हैं।