इन्द्रद्युम्न का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- केचित् सुद्युम्न - भूरिद्युम्न - इन्द्रद्युम्न - कुवलयाश्च - यौवनाश्ववध्रयश्व - अश्वपति - शशबिन्दु - हरिश्चन्द्र - अम्बरीषनन्क्तु - शर्याति - ययाति - अनरणि - अक्षसेनादयः ' ।
- उल्लू ने भी राजा को नहीं पहचाना किन्तु उसने कहा कि इन्द्रद्युम्न नाम का एक सरोवर है जिसमें एक बगुला रहता है जो उससे अवस्था में बड़ा है।
- एक दूसरी कहानी के अनुसार राजा “ इन्द्रद्युम्न ” को स्वप्न में जगन्नाथ जी के दर्शन हुए और निर्देशानुसार समुद्र से प्राप्त काष्ट से मूर्तियाँ गढ़ी गयी थी .
- गर्गसंहिता के अनुसार , कलियुग के आरम्भ में पांडु वंश के राजा उदयन के पुत्र इन्द्रद्युम्न को स्वप्न में नील पर्वत पर पूजित भगवान् नीलमाधव के विग्रह (श्री मूर्ति) के दर्शन हुए।
- पुराण कहते हैं कि एक राजा इन्द्रद्युम्न को स्वप्न में यह संकेत मिला कि पुरी तट पर स्वयं भगवान विष्णु स्थापित हैं जिनके दर्शनमात्र से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है।
- सर्वप्रथम भगवान् विष्णुने कूर्म अवतार धारण करके इस पुराण को राजा इन्द्रद्युम्न को सुनाया था , पुनः भगावन् कूर्म ने उसी कथानक को समुद्र-मन्थन के समय इन्द्रादि देवताओं तथा नारदादि ऋषिगणों से कहा।
- सर्वप्रथम भगवान् विष्णुने कूर्म अवतार धारण करके इस पुराण को राजा इन्द्रद्युम्न को सुनाया था , पुनः भगावन् कूर्म ने उसी कथानक को समुद्र-मन्थन के समय इन्द्रादि देवताओं तथा नारदादि ऋषिगणों से कहा।
- किन्तु भगवान जगन्नाथ ने एक रात सपने में राजा इन्द्रद्युम्न को दर्शन दिया और कहा कि महासागर के तट पर लकड़ी का एक टुकड़ा मिलेगा , जिससे श्रीकृष्ण,बलराम, और सुभद्रा की मूर्तियाँ बनवा लेना।
- प्राचीन काल में इन्द्रद्युम्न नामक एक राजा था जो मरने के बाद बहुत समय तक स्वर्ग में रहा किन्तु एक समय ऐसा आया कि उसके सुकर्मों की चर्चा विश्व में समाप्त हो गई।
- सर्वप्रथम भगवान विष्णु ने कूर्म अवतार धारण करके इस पुराण को राजा इन्द्रद्युम्न को सुनाया था , पुनः भगवान कूर्म ने उसी कथानक को समुद्र-मन्थन के समय इन्द्रादि देवताओं तथा नारद आदि ऋषिगणों से कहा।