इश्क हकीकी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- चाई मैं वर पाया रांझा माही , आवो सईयों रल देवो नी वधाई 1757 में अपने रांझे संग बुल्ला शाह तो इश्क हकीकी के गीत गाता हुआ, आसमान में तारा बन चमकने को इस धरती को अलविदा कह चला गया, लेकिन आज भी उसी कसूर पाकिस्तान में बाबा बुल्ले शाह की दरगाह पर उसके मुरीद सूफी गीत दिन भर गाते हुए, झूमते नजर आते हैं।
- सच तो यह है कि प्रेम हर किसी की ज़िन्दगी में एक इशारा होता है क्यों कि उस में अनंत की झलक होती है इश्क मजाजी एक झरोखा होता है जिसमें इश्क हकीकी का ब्रह्मांड देखा जा सकता है , लेकिन अधिकतर लोग उस झरोखे को बंद कर देते हैं और यात्रा वहीँ रुक जाती है , हमें साहिर का शुक्रगुजार होना चाहिए जो अमृता को राह का इशारा दे गए ...
- अमृता के प्रेम रूहानियत में तब्दील हो गया उस में एक सूफियाना , खुशबु और फकीराना रंगत आ गयी लेकिन इमरोज़ बहुत किस्मत वाले निकले उन्हें अमृता वही रूहानियत वाला प्रेम मिला और इमरोज़ का प्रेम तो पहले ही रूह से जुडा हुआ था इस नाते अमृता भी बहुत तकदीर वाली रहीं इमरोज़ का साथ मिलने से उनका प्रेम परिपक्व हो कर मेच्योर हो कर रूहानियत की रोशनी में ढलता चला गया इश्क मजाजी एक छोर है और इश्क हकीकी दूसरा छोर जो अनंत की ओर ले जाता है ....
- मेरे छलावे . मेरे सयाने पन में कोई कसर हो सकती है ,पर प्यास में नहीं . .और प्यार की वही कशिश रही कि इश्क मिजाजी की तलाश में उनके कदम इश्क हकीकी की तरफ बढ़ते गए और उनके लेखन में आलेखों में नज्मों में सूफियाना अंदाज़ आता चला गया जो कभी लिखा करती थी दिल्ली की गलियाँ ,एक लड़की एक जाम .तीसरी औरत , हीरे की कनी ,लाल मिर्च ,एक थी अनीता वही कलम अब लिखने लगी दरवेशों की मेहँदी ,शक्ति कणों की लीला, सातवीं किरण अक्षर कुंडली, इश्क सहस्त्रनाम ,इश्क अल्लाह हक़ अल्लाह