उलफत का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- उलफत के वादों को तुमने निभाया ही नही , और कहते हो की तेरा ज़िक्र आया ही नही , गैरों का दामन थामते रहे ज़िंदगी भर , और शिकायत है कि तुमने अपनाया ही नही .
- तभी अरबी-फारसी के दिलकशी , पुरपेच , उलफत , बदहवासी , मुरदा-परस्त जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ हमरी , तुमरी , बतियां , छतियां , नजरिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल इन गीतकारों ने बेजोड़ तरीके से किया।
- तभी अरबी-फारसी के दिलकशी , पुरपेच , उलफत , बदहवासी , मुरदा-परस्त जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ हमरी , तुमरी , बतियां , छतियां , नजरिया जैसे शब्दों का इस्तेमाल इन गीतकारों ने बेजोड़ तरीके से किया।
- निगाहे बस तुम्हे ही ढूंढती रहती है और लम्हा रुख-ए-रोशन दिखा दो इनकी फरमाईश अभी तक है अज़ल से तुम को चाहा है अबाद तक तुम को चाहेंग़े मेरी उलफत की बस इतनी सी पैमाईश अभी तक है।
- मेरे टूटे हुए दिल से , कोइ तो आज ये पूछे के तेरा हाल क्या है किस्मत तेरी रीत निराली, ओ छलिये को छालानेवाली फूल खिला तो टूटी डाली जिसे उलफत समाज बैठा, मेरी नज़रों का धोखा था किसी की …
- एक तुम ही नहीं तनहा , उलफत में मेरी रुसवा तुम जैसे तो दुनिया में दीवाने हजारों हैं भावार्थ - शायर यह कहना चाह रहा है कि अकेले पीएम ही नहीं , कलमाड़ी जी के चक्कर में पड़कर बहुत से रुसवा हो गए।
- एक तुम ही नहीं तनहा , उलफत में मेरी रुसवा तुम जैसे तो दुनिया में दीवाने हजारों हैं भावार्थ - शायर यह कहना चाह रहा है कि अकेले पीएम ही नहीं , कलमाड़ी जी के चक्कर में पड़कर बहुत से रुसवा हो गए।
- गीत लिखते समय दूरस्थ अंचलों में बसने वाले लोगों को भी ध्यान में रखकर अरबी-फारसी के दिलकशी , पुरपेच , उलफत , बदहवासी , मुरदा-परस्त जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ बतियां , छतियां , नजरिया , हमरी , तुमरी जैसे शब्दों का बेजोड़ तरीके से इस्तेमाल किया गया।
- गीत लिखते समय दूरस्थ अंचलों में बसने वाले लोगों को भी ध्यान में रखकर अरबी-फारसी के दिलकशी , पुरपेच , उलफत , बदहवासी , मुरदा-परस्त जैसे भारी-भरकम शब्दों के साथ बतियां , छतियां , नजरिया , हमरी , तुमरी जैसे शब्दों का बेजोड़ तरीके से इस्तेमाल किया गया।
- उलफत कभी न होगी कम बस इक खलिस ह्रदय में सनम अंतिम ख्वाहिश मान के जिगर में न रखना रंज पहले रुकसत होंगे जहान से हम सुहागन रूप में ही निकले दम ना रहे खाली हाथ करतल पे लगा देना मेहंदी यह जन्म न मिलेगा बार बार . - शशि पुरवार