ऐंठा हुआ का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कवि कुलवंत सिंह एक तिनका मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ , एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा आ अचानक दूर से उड़ता हुआ , एक तिनका आँख में मेरी पड़ा ।
- शशि का सिर पीछे को ऐंठा हुआ था , सारी देह काँप रही थी , और आँखें बन्द थीं ; सिर उठाकर शेखर ने शशि की बन्द गीली काँपती हुई पलकों को देखा और एक बार आगे झुककर उसके ओठ चूम लिए।
- इस वक्त और अनंत के बीच किसी गहरे गर्त में ठहरा हुआ कोई बोध . .. तृषित... अधूरा... अस्तित्व की निरर्थकता से निढ़ाल अनभिज्ञ आकर्षण के बीच ऐंठा हुआ तलाशता है अपना शेष अंश… सोचती हूँ… काश शिनाख्त हो पाती.... ............ तो दफ्न ही कर आती.....
- अविदित इस वक्त और अनंत के बीच किसी गहरे गर्त में ठहरा हुआ कोई बोध . .. तृषित... अधूरा... अस्तित्व की निरर्थकता से निढ़ाल अनभिज्ञ आकर्षण के बीच ऐंठा हुआ तलाशता है अपना शेष अंश… सोचती हूँ… काश शिनाख्त हो पाती.... ............ तो दफ्न ही कर आती.....
- उदारवाद / काफी घटा दी गयी है नपुंसकता इसकी जिनियागिरी की बदौलत अनुदारवाद/सहिष्णु और संयत बना दिया गया है कल का यह ऐंठा हुआ धनी छोकरा फतवों के धतूरे नहीं फलेंगे इन शब्द-पौधों में मुकम्मिल गांरटी, देश भर में 2001 सर्विसिंग सेंटर्स ...... कामिनी ! लोगी यह शब्दबीज
- आंगन कि ऐंठा हुआ बाहर पेड़ के दृश्य प्रदान करता है , जबकि पक्ष कमरे में एक दर्जन से अधिक लोगों के लिए एक आदर्श स्थान प्रस्तुत करता है और वापस क्षेत्र जैज, उदास, और आत्मा महान काले और सफेद छवियों के साथ सजाया है एक गिलास छत के नीचे बैठने गया है.
- एक ऐंठा हुआ चेहरा . ........... सम्भवत : चिरनिद्रा में लीन ........... भीषण थकान या असह्य पीड़ा हो शायद ......... हो सकता है किसी गुरू गम्भीर कार्य को अंजाम देता हुआ ......एक जेनुईन दायित्व बोध से जूझ रहे आदमी का ................मुक्तिबोध का चेहरा ! शेल्फ से पुस्तक निकालता हूँ - ‘चान्द का मुंह टेढ़ा है ' हां , वही तो है।
- बस आदमी से उखडा हुआ आदमी मिले हमसे कभी तो हँसता हुआ आदमी मिले इस आदमी की भीड़ में तू भी तलाश कर , शायद इसी में भटका हुआ आदमी मिले सब तेजगाम जा रहे हैं जाने किस तरफ़, कोई कहीं तो ठहरा हुआ आदमी मिले रौनक भरा ये रात-दिन जगता हुआ शहर इसमें कहाँ, सुलगता हुआ आदमी मिले इक जल्दबाज कार लो रिक्शे पे जा चढी इस पर तो कोई ठिठका हुआ आदमी मिले बाहर से चहकी दिखती हैं ये मोटरें मगर इनमें, इन्हीं पे ऐंठा हुआ आदमी मिले.