कलमी आम का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कलमी आम तोड़कर पकाए जाते हैं , पहले भूसा , पैरा , घडेÞ में भरते थे अब केमिकल्स से पकने के कारण न तो वह स्वाद रहता है , न स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त।
- वे मेरे पिछली बार गाँव आने से अब तक की , गाँव की , वहाँ के लोगों की , खेतों की , कलमी आम के पेड़ों की और घटनाओं की जानकारी बड़े उत्साह से दिया करते थे .
- वे मेरे पिछली बार गाँव आने से अब तक की , गाँव की , वहाँ के लोगों की , खेतों की , कलमी आम के पेड़ों की और घटनाओं की जानकारी बड़े उत्साह से दिया करते थे .
- दुआर का नीम , कोने का पीपल , धूप में चौंध मारता मरमरी मकान , खिरकी , छत से नज़र आते पट्टीदारों के आँगन , गोंयड़े की बारी में लगे कलमी आम के पौधे , पहलवान , ब्रह्मचारी , बमड़ी , चरकहू पट्टीदार ...
- जहां पानी की कमी नहीं है , उन क्षेत्रों में पेड़-पौधे लगाने की योजना इसप्रकार हो सकती है-- खेत की मेंड़ों के सहारे पीछे की ओर, शीशम जैसे इमारती लकड़ी के वृक्ष औरबबूल, सामने की ओर कलमी आम, पपीता, अमरूद, नींबू और संतरा जैसे फलों केवृक्ष लगाने चाहिएं.
- जहां पानी की कमी नहीं है , उन क्षेत्रों में पेड़-पौधे लगाने की योजना इस प्रकार हो सकती है- खेत की मेंड़ों के सहारे पीछे की ओर, शीशम जैसे इमारती लकड़ी के वृक्ष और बबूल, सामने की ओर कलमी आम, पपीता, अमरूद, नींबू और संतरा जैसे फलों के वृक्ष लगाने चाहिएं।
- कभी खांड की बोरियो के अंदर छेद कर खांड खाते पकडे जाते , कभी राब के मटके मे से राब( खाने के बाद खिंडाने के आरोप मे), कभी शक्कर के उपर चलते हुये,कभी भैसे की सवारी करते ,कभी गन्ने की पिराई मशीन के आगे चुल्लू लगाकर रस पीते, या फ़िर पेड पर बैठ कर आमो को निपटाते,खुदा गवाह की हमारे गांव पहुचने के बाद अगर कलमी आम या शहतूत के पेड पर पत्तिया भी बचती हो.
- हमारे देश का आलम तो यह है किकनिष्ट की शेरवानी को मुसलमानों के सर मार के हम हिंदू और मुसलमान पहनावों की बातें करने लगते हैं घाघरे में कलियाँ लग जाती हैं तो हम घाघरों को पहचानने से इंकार कर देते हैं और मुगलों-वुगलों की बातें करने लगते हैं , परंतु कलमी आम खाते वक़्त हम कुछ नहीं सोचते ऐसे वातावरण में दिल की बात कहने से जी अवश्य डरता है , परंतु किसी-न-किसी को तो ये बातें कहनी ही पड़ेगी।
- कभी खांड की बोरियो के अंदर छेद कर खांड खाते पकडे जाते , कभी राब के मटके मे से राब ( खाने के बाद खिंडाने के आरोप मे ) , कभी शक्कर के उपर चलते हुये , कभी भैसे की सवारी करते , कभी गन्ने की पिराई मशीन के आगे चुल्लू लगाकर रस पीते , या फ़िर पेड पर बैठ कर आमो को निपटाते , खुदा गवाह की हमारे गांव पहुचने के बाद अगर कलमी आम या शहतूत के पेड पर पत्तिया भी बचती हो .
- जानते हैं कुछ फलदार पेड़-पौधों के बीच कितना फासला होना चाहिए- देशी आम 40 फुट कलमी आम 35 फुट अमरूद 25 फुट नीबू / संतरा / किन्नू 20 फुट लीची 30 फुट लुकाट 25 फुट पपीता 8 फुट कैसे लगाएं पेड़-पौधे ? पेड़ों लगाने के निशान ज़मीन पर लगा देने के बाद वहाँ तीन फुट चौड़े तथा तीन फुट गहरे गोल गड्ढे खोदने का काम जून तक कर लें , ताकि बरसात होने से पहले गड्ढों की मिट्टी को कम से कम 15 - 20 दिन हवा लग जाए।