कुक्षि का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कुक्षि के कुल में भरत से आगे चलकर , सगर, भागीरथ, रघु, अम्बरीष, ययाति, नाभाग, दशरथ और भगवान राम हुए।
- पुरीष में वृद्धि होने पर- कुक्षि में शूल , अन्त्रकूजन , आहमान तथा शरीर का भारीपन आदि होते हैं ।।
- क्षुल्लिका चेलनामती जीआपका जन्म २५ जुलाई १९२८ के दिन श्री प्रकाशचन्द्र जैन की धर्मपत्नीश्रीमती त्रिशलावती जी की कुक्षि से हुआ था .
- क्षुल्लिका प्रवचनमती जीकर्नाटक प्रान्त के बेलगाँव मण्डलान्तर्गत ग्राम सदलगा में श्रीमल्लप्पाजी की धर्मपत्नी श्रीमती देवी की कुक्षि से श्रावण शुक्ला १५ ( रक्षा-बन्धन) वि.
- ****** अँधेरे ने अपनी कुक्षि में सहेजे हुए थे उजाले के बीज और सिर्फ नाउम्मीदों से बची थी उम्मीद को उम्मी द . ...
- आज आवश्यकता है कि इस भ्रान्तिजन्य कुचक्र की कुक्षि से तथ्यों के नवनीत को जन-सामान्य तक संप्रेषित करने के हेतु प्रयास का प्रारम्भ करना।
- उस शर्करा के योग से हृदय में पीड़ा , कम्पन , कोख या कुक्षि में शूल , मंन्दाग्नि मू्र्छा तथा भयंकर मूत्रकच्छ हो जाते है।
- पर जब राष्ट्रीय स्वास्थ्य विकृत हुआ तो भारत माता ने भी एक से बढ़कर एक उत्तम वैद्य अपनी कुक्षि से निकाल निकालकर देना आरंभ कर दिया।
- मंगल लग्न में हो व षष्ठेश निर्बल हो , तो अजीर्ण और लग्न में पाप ग्रह व अष्टम में शनि हो तो कुक्षि में पीड़ा होती है।
- इसके पुत्र विरोचन के बलि आदि क्रम में बाण , धृतराष्ट्र , सूर्य , चन्द्रमा , कुंभ , गर्दभाक्ष और कुक्षि आदि एक सौ पुत्र उत्पन्न हुए।