कुनीति का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- वैसे तो शुरु से ही पूज्य श्री के जनजागृति के कार्य में विधर्मियों व दुष्ट मति के लोगों द्वारा विघ्न उपस्थित किये जाते रहे हैं , परंतु एक सोची-समझी कुनीति के तहत सन् 2008 से कुप्रचार-अभियान ही प्रारम्भ हुआ था।
- यदि ऐसा कर पाने में वह असफल रहता है तो उसे यह घोषित करने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए कि धर्मांतरण के नाम पर उसे ठगा गया है और यह भारतीय समाज को विखंडित करने की विदेशी कुनीति का एक पक्ष है .
- बशर्ते कुतर्कों के माद्यम से अनीति / कुनीति को नीति का सगे वाला न साबित किया जाय) मॆं कुछ महात्माओं की ग्रह-दशा बड़ी खराब चल रही थी,जो कभी राजतन्त्र के राखी सावंत (आईटम मेंबर) हुआ करते थे उनकी वर्तमान हालत भी “राखी सावंत” जैसी ही थी.
- आइये , नजर डालते हैं आँकड़ों परः वैसे तो शुरु से ही पूज्य श्री के जनजागृति के कार्य में विधर्मियों व दुष्ट मति के लोगों द्वारा विघ्न उपस्थित किये जाते रहे हैं, परंतु एक सोची-समझी कुनीति के तहत सन् 2008 से कुप्रचार-अभियान ही प्रारम्भ हुआ था।
- सत्ता में हिस्सेदारी मिलने ही वाली थी ेलेकिन अरशद खान की कुनीति की वजह से अस्पताल चलाने वाले चिकित्सक , मदरसे में पढ़ाने वाले मौलवी यहाॅ तक कि माफिया लोगों ने भी पार्टी बनाकर मुसलमानों का मसीहा अपने आपको साबित करने की कोशिश में लग गये।
- एक छोटे से गाँव में बहुत ही छोटे स्तर पर किये गए इस प्रयास ने बहुत बड़ा सन्देश दिया है कि यदि भावना पवित्र हो , कर्म में कुनीति नहीं हो , कोशिशों मे कुछ कर गुजरने का जज्बा हो , तो हर राह आसान बन जाती है।
- आइए इस होली अचल संपत्ति के मतभेद , मनभेद , राग , द्वेश , कुनीति , विसंगति , जटिलता और माफिया जैसे शब्दों का होलिका में दहन करें और मूलभूत सुविधाओं के इस बेसिक बिजनेस को प्रेम , सरलता , सुनीति एवं पारदर्शी रेशमी रंगों से भर दे ।
- आइए इस होली अचल संपत्ति के मतभेद , मनभेद , राग , द्वेश , कुनीति , विसंगति , जटिलता और माफिया जैसे शब्दों का होलिका में दहन करें और मूलभूत सुविधाओं के इस बेसिक बिजनेस को प्रेम , सरलता , सुनीति एवं पारदर्शी रेशमी रंगों से भर दे ।
- सवाल कसाब को फांसी देने या संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी न देने का नहीं अपितु सवाल है देश की समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का जो यहां के हुक्मरानों के दलीय स्वार्थ व सत्तामोह के कारण वोटबेंक को करियता देने के आत्मघाति कुनीति के कारण दम तोड़ रही है।
- इसके अतिरिक्त भी चुनाव से पूर्व धन , वस्त्र , भोजन और शराब चाहे जितनी गुप्त या खुले रूप में उपलब्ध कराने को तैयार हैं … आदरणीया निशा जी हर बार ही ये कहाँ चूकते हैं इस से इनके तो रग रग में मक्कारी भरी है कूटनीति चाणक्य नीति कुनीति सब कुटिलताएं भरी हैं इनमे ..