ख़सम का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- इस अंक में प्रकाशित कहानियों में नेपथ्य का नरक ( अपूर्व जोशी ) , ख़सम ( हरि भटनागर ) , सुनो तो पुरबैया ( जयश्री राय ) , आदमी और औत उर्फ बीच रात की डोरी ( प्रमोद सिंह ) , हक ( रवि अग्निहोत्री ) , ढलान पर कुछ पल ( प्रताप दीक्षित ) , सड़क की ओर खुलता मकान ( रूपसिंह चंदेल ) एवं ससमाप्त ( उर्मिला शिरीष ) , अनभिज्ञ ( राजेन्द्र दानी ) प्रमुख हैं।
- इस अंक में प्रकाशित कहानियों में नेपथ्य का नरक ( अपूर्व जोशी ) , ख़सम ( हरि भटनागर ) , सुनो तो पुरबैया ( जयश्री राय ) , आदमी और औत उर्फ बीच रात की डोरी ( प्रमोद सिंह ) , हक ( रवि अग्निहोत्री ) , ढलान पर कुछ पल ( प्रताप दीक्षित ) , सड़क की ओर खुलता मकान ( रूपसिंह चंदेल ) एवं ससमाप्त ( उर्मिला शिरीष ) , अनभिज्ञ ( राजेन्द्र दानी ) प्रमुख हैं।