घोषा का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ऋग्वेद की ऋषिकाओं की सूची बृहद् देवता के दूसरे अध्याय में इस प्रकार है - घोषा गोधा विश्ववारा , अपालोपनिषन्निषत्।
- लोपामुद्रा , अपाला, घोषा, कौशल्या, सुमित्रा, शैव्या आदि नारियों ने भी राष्ट्र का निर्माण किया और नैतिक मूल्यों को जीवित रखा।
- इसी तरह कुष्ठ रोग से ग्रसित कुक्षिवान ऋषि की कन्या घोषा को कुष्ठ से छुटकारा दिलाकर उसे रूप-यौवन प्रदान किया।
- जिन्हें तुलनात्मक रूप में हम पौराणिक विदुषियों-अपाला . .. घोषा .... सरस्वती ... आदि के रूप भी कह सकते हैं .......
- जिन्हें तुलनात्मक रूप में हम पौराणिक विदुषियों-अपाला . .. घोषा .... सरस्वती ... आदि के रूप भी कह सकते हैं .......
- जिन्हें तुलनात्मक रूप में हम पौराणिक विदुषियों-अपाला . .. घोषा .... सरस्वती ... आदि के रूप भी कह सकते हैं .......
- धर्म और दर्शन के गूढ क्षेत्रों में गार्गी , मैत्रेयी, लोपामुद्रा, घोषा, सुलभा जैसे चरित्र बेहद मजबूत स्थिति में रहे हैं।
- वैदिक ऋषियों में घोषा , विश्ववारा आदि तथा उपनिषदों में गार्गी , मैत्रेयी आदि विदुषी नारियों का उल्लेख मिलता है।
- ऋग्वेद में मंत्र रचियताओं में स्त्रियों के नाम भी मिलते हैं , जिनमें प्रमुख हैं- लोपामुद्रा, घोषा, शाची, पौलोमी एवं काक्षावृती आदि
- घोषा , अपाला, विश्ववारा, गार्गी, मैत्रेयी आदि नारियों के उदाहरण इस सम्बन्ध में दियेजा सकते हैं, जिन्होंने वैदिक ऋचाओं तक का प्रणयन किया था.