चिपचिप का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- अस्चर्या से “ अच्छा , तब तो जब उसका लंड खड़ा होगा तो काफ़ी बाद होगा ” मौसी : और दीदी मैं जब पेसड़ करके उठी और छूट को साफ़ करने लगी तो मेरे हथेली पैर झांतू से और छूट की फ़ानको से कुछ चिपचिप लग गया .
- अब वो बालों में गुदगुदी कर रहा है . .. वो छुअन बहुत देर तक नहीं थकती... वो छुअन बहुत हसीन है... बिस्तर की नर्म सलवटें अकेली हैं... नींद टूट गई है... चिपचिप है... उमस है... दिल्ली की गर्मी है... बिजली चली गई है... एसी बंद हो गया है... किताबें बेतरतीब हैं...
- सुना जा रहा है कि उपर पहाड़ों पर बारिश अच्छी हुई है और उसका खुशनुमा असर यहाँ तलहटी में साफ दीख रहा है आज पसीने से देह चिपचिप नहीं हो रही है और खुद को भला - सा लग रहा है , लेकिन ऐसा कभी - कभी होता है ।
- आज गर्मी से तनिक राहत हैसुना है पहाड़ों पर बारिश हुई है और उसका असर तलहटी में दीख रहा है आज पसीने से देह चिपचिप नहीं हो रही है और खुद को भला - सा लग रहा है लेकिन ऐसा कभी - कभी होता है ऐसा कभी - कभार होना ही भला है , अगर रोज ही जिन्दगी की धूप में किसी का /...
- आज गर्मी से तनिक राहत हैसुना है पहाड़ों पर बारिश हुई है और उसका असर तलहटी में दीख रहा है आज पसीने से देह चिपचिप नहीं हो रही है और खुद को भला - सा लग रहा है लेकिन ऐसा कभी - कभी होता है ऐसा कभी - कभार होना ही भला है , अगर रोज ही जिन्दगी की धूप में किसी का /
- नहीं , ऐसे चलता नहीं … अगर हम ने अपने डेली रूटीन को ठीक रखा है तो हम लोग जो भी करते हैं उसे करने का आनंद कईं गुणा बढ़ जाता है , वरना मुंह में चिपचिप , आंखों को बार बार मलना , यहां वहां खारिश-खुजली … ऐसे में फिर आप कोई भी वीडियो देख लें , कोई भी टीवी का प्रोग्राम देख लें , कुछ भी मज़ा नहीं आता।
- भारत में रहते हुए भी अक्सर प्रार्थना किया करते थे कि वे गर्मी की छुट्टियाँ अगस्त तक रहनी ही चाहिए जिससे कि जुलाई का यह चिपचिप महीना पहाड़ों पर ही बिताया जा सके-और आज यूँ परेशान होना-ख़ैर यह बात तो लाल फ़ीते और सरकारी काग़ज़ों की जाँच पड़ताल की है और हम जैसे साधारण व्यक्ति को तो इससे गुज़रना ही पड़ेगा और मजबूरी यह है कि इंग्लैंड में बच्चों की स्कूल से लंबी छुट्टी भी तो बस इन्हीं महीनों में होती है !
- दोने में शुद्ध घी से बने हुए गुड़ में पगे हुए चावल थे , दोने हालांकि छोटे थे, और प्रति व्यक्ति केवल एक ही दोना मिल रहा था, जो भी एक से ज्यादा दोनों के लिये बोल रहे थे, किसी को दे रहा था तो किसी को झिड़क रहा था, नीचे चलते हुए चिपचिप हो रही थी, क्योंकि लोग खाते हुए गिरा भी रहे थे, हमने पूरे मजे लेते हुए वह प्रसाद उदरस्थ किया, और दिल से बालाजी को नमन कर यह अवसर देने के लिये धन्यवाद दिया।
- दोने में शुद्ध घी से बने हुए गुड़ में पगे हुए चावल थे , दोने हालांकि छोटे थे , और प्रति व्यक्ति केवल एक ही दोना मिल रहा था , जो भी एक से ज्यादा दोनों के लिये बोल रहे थे , किसी को दे रहा था तो किसी को झिड़क रहा था , नीचे चलते हुए चिपचिप हो रही थी , क्योंकि लोग खाते हुए गिरा भी रहे थे , हमने पूरे मजे लेते हुए वह प्रसाद उदरस्थ किया , और दिल से बालाजी को नमन कर यह अवसर देने के लिये धन्यवाद दिया।