जगण का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- इस छन्द के प्रत्येक चरण में क्रमशः जगण , तगण, जगण और रगण के क्रम से 12 वर्ण होते हैं ।
- जगण से आशय लघु गुरु लघु मात्राओं के स्वतंत्र शब्द से है जो आप द्वारा इंगित पंक्तियों में नहीं है .
- ( १ ) चौपाई चौपाई के प्रत्येक चरण में १ ६ मात्राएँ होती हैं तथा चरणान्त में जगण और तगण नहीं होता।
- ( छंदशास्त्र ) तीन वर्णों का वर्ग एवं समूह , जैसे- जगण ; तगण ; नगण ; भगण ; यगण और सगण आदि।
- इसका अर्थ है कि इन्द्रवज्रा के प्रत्येक चरण में दो तगण , एक जगण और दो गुरु के क्रम से वर्ण रखे जाते हैं ।
- इसका अर्थ है कि इन्द्रवज्रा के प्रत्येक चरण में दो तगण , एक जगण और दो गुरु के क्रम से वर्ण रखे जाते हैं ।
- उपेन्द्रवज्रा जतजास्ततो गौ इस का अर्थ यह है कि उपेन्द्रवज्रा के प्रत्येक चरण में जगण , तगण, जगण और दो गुरु वर्णों के क्रम से वर्ण होते हैं ।
- उपेन्द्रवज्रा जतजास्ततो गौ इस का अर्थ यह है कि उपेन्द्रवज्रा के प्रत्येक चरण में जगण , तगण, जगण और दो गुरु वर्णों के क्रम से वर्ण होते हैं ।
- दोहे में 13 - 11 मात्रायें , विषम चरण के प्रारम्भ में जगण वर्जित , विषम चरणों के अंत में लघु गुरु या लघु लघु लघु अनिवार् य.
- दफ्तरी कंप्यूटर पर अफसरी रौब में डिक्टेट करवाई अफसर-कवि ने नाभिदर्शना सेक्रेटरी को पूरी गंभीरता से संचिका-हस्ताक्षरी-सत्र में कविता जगण , मगण , तगण का रखा पूरा ख्याल