जह्नु का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- हरिद्वार के बाद गंगा की मूलधारा भगीरथ का अनुसरण करते हुए त्रिवेणी , प्रयागराज , वाराणसी होते हुए जह्नु मुनि के आश्रम पहुँची।
- भागीरथ ने अपने उद्देश् य की पूर्ति में , इस दशा को देखकर जह्नु ऋषि की अनेक विधियों से स् तुति और प्रार्थना की।
- गंगा के इस व्यवहार से आश्चर्यचकित महाराज प्रतीप ले द्वारा परिचय पूछने पर गंगा ने कहा , “ मैं जह्नु ऋषि की पुत्री गंगा हूँ।
- यदि अगस्त्य समुद्र को और जह्नु ऋषि गंगा को पी सकते हैं तो तुम तेल के दस घड़े पी गये , इसमें क्या आश्चर्य ? ''
- उनकी स्तुति से प्रसन्न होकर जह्नु ऋषि ने गंगा जी को अपने कानों से निकाल दिया और उन्हें अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार कर लिया।
- उनकी स्तुति से प्रसन्न होकर जह्नु ऋषि ने गंगा जी को अपने कानों से निकाल दिया और उन्हें अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार कर लिया।
- फिर क्या था , इससे सामर्थ्यशाली महातेजस्वी राजा जह्नु प्रसन्न हो गए और उन्होंने अपने कानों के छिद्रों के द्वारा गंगा जी को पुनः प्रकट कर दिया।
- इसके अनुसार शुक्ल पक्ष की सप्तमी को गंगा जी का पूजन करना चाहिए , क्योंकि इसी तिथि को महर्षि जह्नु ने अपने दक्षिण कर्ण से गंगा जी को बाहर निकाला था।
- महाराज यह देख कर आश्चर्य में पड़ गये तब गंगा ने कहा , “हे राजन्! मैं जह्नु ऋषि की पुत्री गंगा हूँ* और आपसे विवाह करने की अभिलाषा ले कर आपके पास आई हूँ।”
- महाराज यह देख कर आश्चर्य में पड़ गये तब गंगा ने कहा , 'हे राजन्! मैं जह्नु ऋषि की पुत्री गंगा हूँ और आपसे विवाह करने की अभिलाषा ले कर आपके पास आई हूँ।'