दंशन का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- कितनी ही बातें मथती हैं मन को कई कई बार अंतस के सागर में उमड़ घुमड़ चलते हैं लपटों से जलते हैं अनगिनत विचार कितनी …………… . यह कैसा मंथन है - अमृत घट रीता है नहीं कोई नीलकंठ अब विष को पीता है आसुरी छलावे से छले देवता जाते कस्तूरी में अटकी हृदय-हरिण की साँसे ! कुंठा से बद्ध हुए आकुल उदगार कितनी …………… पीड़ा है- दंशन भी मोह है- सम्मोहन भी सर्पिल पगडण्डी सी- जीवन की राहें भवसागर में- प्राणों की नौका लहराए विप्लव में उलझा भावों का संसार कितनी …………… .