द्यूत क्रीड़ा का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- जानसठ तहसील के बिहारी गांव में स्थित “कांच का तालाब” के बारे में कहा जाता है कि महाभारत काल में मीलों तक फैलेपाण्डवों के विहार स्थल के मध्य में स्थित इस भव्य व विशाल तालाब के समीप ही कौरव-पाण्डव की निर्णायक द्यूत क्रीड़ा सम्पन्न हुई थी ।
- ग्वालियर राज में जब पिंडारियों का आतंक चरम सीमा पर था तो पहले के हिंदू राजाओं की तरह मुजरा सुनने और द्यूत क्रीड़ा में तल्लीन रहने की बजाय महादजी सिंधिया खुद पिंडारियों के सफाए के लिए मैदान में उतरे और उन्होंने प्रजा की रक्षा करने का दायित्व बहुत ही साहसपूर्वक निभाया।
- उसने नाभि के नीचे गदा से प्रहार किया जो कि नियम-विरुद्ध था , अत : उस संदर्भ में वह उन्हें कैसे क्षमा कर दे ? भीम ने अपने इस अपराध के लिए क्षमा-याचना की , साथ ही याद दिलाया कि उसने भी द्यूत क्रीड़ा , चीर हरण आदि में अधर्म का प्रयोग किया था।
- इसमें नगर की साज सजावट , वारांगनाओं का व्यवहार, दास प्रथा, द्यूत क्रीड़ा, विट की धूर्तता, चौर्यकर्म, न्यायालय में न्यायनिर्णय की व्यवस्था, अवांछित राजा के प्रति प्रजा के द्रोह, एवं जनमत के प्रभुत्व का सामाजिक स्वरूप भली भाँति चित्रित किया गया है, साथ ही समाज में दरिद्रजन की स्थिति, गुणियों का संमान, सुख दु:ख में समरूप मैत्री के बिदर्शन, उपकृत वर्ग की कृतज्ञता, निरपराध के प्रति दंड पर क्षोभ, राज वल्लभों के अत्याचार, वारनारी की समृद्धि एवं उदारता, प्रणय की वेदी पर बलिदान, कुलांगनाओं का आदर्श चरित्र जैसे वैयक्तिक विषयों पर भी प्रकाश डाला गया है।