पंखड़ी का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- ' ' यह कहता क्या है भला आदमी? फूल ने तर्क किया-'हो सकता है खत इसने न लिखा हो, पंखड़ी ने ही अपने बाप के नाम से लिखवा दिया हो.
- लगभग 40 प्रकार के टांके और जालियां होते हैं जैसे- मुर्री , फनदा, कांटा, तेपची, पंखड़ी, लौंग जंजीरा, राहत तथा बंगला जाली, मुंदराजी जाजी, सिद्दौर जाली, बुलबुल चश्म जाली, बखिया आदि।
- लगभग 40 प्रकार के टांके और जालियां होते हैं जैसे- मुर्री , फनदा, कांटा, तेपची, पंखड़ी, लौंग जंजीरा, राहत तथा बंगला जाली, मुंदराजी जाजी, सिद्दौर जाली, बुलबुल चश्म जाली, बखिया आदि।
- या फिर , क्या ऐसा नहीं लगता है कि आप और सिर्फ आप स्वयं के माध्यम से हिल के प्रभारी रहे हैं शक और डर और सिर्फ पंखड़ी की धातु डालने और इस झकना फोन ले!
- इस समय बिरादरी के कुछ मुरब्बी कारीगर तो बाहर दीवानखानेमें तोड़ीराम के पास बैठे उनके इकबाल और नये रिश्ते-नाते की तारीफें कर रहे थे , और भीतर उनकी स्त्रियां पराये घर जाने से पहले पंखड़ी को ऊंच-नीच की सीख दे रहीथी.
- लगभग 40 प्रकार के टांके और जालियां होते हैं जैसे- मुर्री , फनदा , कांटा , तेपची , पंखड़ी , लौंग जंजीरा , राहत तथा बंगला जाली , मुंदराजी जाजी , सिद्दौर जाली , बुलबुल चश्म जाली , बखिया आदि।
- लगभग 40 प्रकार के टांके और जालियां होते हैं जैसे- मुर्री , फनदा , कांटा , तेपची , पंखड़ी , लौंग जंजीरा , राहत तथा बंगला जाली , मुंदराजी जाजी , सिद्दौर जाली , बुलबुल चश्म जाली , बखिया आदि।
- नाज़ुकी उसके लब की क्या कहिए पंखड़ी इक गुलाब की है ‘ मीर ' उन नीम-बाज़ आँखों में सारी मस्ती शराब की सी है॥ ******* पत्ता पत्ता बूटा बूटा हाल हमारा जाने है जाने न जाने गुल ही न जाने बाग तो सारा जाने है ...
- भूतिया कोठी की बुनियाद से हिलाती हुई फूल उर्फ दौलतराम की भाड़े की ढचरा-सीटैम्पोगाड़ी जब दरवाजे पर बोइंग की तरह धड़धड़ाकर रूकी तब भीतर पंखड़ी तो बुढ़ेयमराज के आ पहुंचने की आशंका से क्रंदन कर उटी और अतिथियों के अनपेक्षित आगमनसे दीवानखाने में बैठे हुए तोड़ी गुरू ने कान फड़फड़ाये .
- भोर के तड़के चम्पे की पंखड़ी को सूरज की सुनहली किरणों से चमकते देखा है-चाँद की प्यारी किरणों से धीरे-धीरे कोईं के फूल को खिलते देखा है-लजालु का हरी-हरी पत्तियों का कुछ छू जाने पर लाज के बस में पड़ते देखा है-पर वह बात कहाँ ! वह अनूठापन कहाँ !!!