पुकारू का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- २ ' हरिदासी ' पुकारू सदा आपको , यही पूजा हैं देखा करू आपको , अब तो मोहन हमारे बहुत हो चुकी मेरी उस पार नैय्या लगा दीजिये .... ३
- २ ' हरिदासी ' पुकारू सदा आपको , यही पूजा हैं देखा करू आपको , अब तो मोहन हमारे बहुत हो चुकी मेरी उस पार नैय्या लगा दीजिये .... ३
- मॅ डरता हू रीतो मे तुम ना खो जाओ , की जब मॅ पुकारू तुम साथ ना आओ, समाज़ो का कोहरा, रिवाज़ो की रातें, इन दोनो मे ओझल, कही खो ना जाओ.
- खामोश और संजीदा दिखते वैद ने अपने मन को इस ' को दिया उनका पुकारू बांटा है, उससे वह पहले से कहीं ज्यादा वेध्य ही नहीं, बोध्य भी हो चले हैं।
- अगर मैं आप के सहभागी को नाम से ना पुकारू , उनका विस्तृत वर्णन करु या विशिष्टता बताउं तो आप को पहचानना हैं कि क्या मैंने आप के सहभागी का वर्णन किया हैं।
- दीप्ति जी नमस्कार ! बहुत खूबसूरत बात कही है आपने…”कातिल मुझे तलाशता और मैं छुपता रहा खौफ से, किसे पुकारू और किसे आवाज़ दू दूर से”॥ और आपकी प्रतिकृया के क्या कहने..
- दीप्ति जी नमस्कार ! बहुत खूबसूरत बात कही है आपने...“कातिल मुझे तलाशता और मैं छुपता रहा खौफ से, किसे पुकारू और किसे आवाज़ दू दूर से”॥ और आपकी प्रतिकृया के क्या कहने..
- मित्र ! तुम्हे मेरे मन की बात बताऊ सुनील गज्जाणी किस नयन तुमको निहारू, किस कण्ठ तुमको पुकारू, रोम रोम में तुम्ही हो मेरे, फिर काहे ना तुम्हे दुलारू, मित्र! तुम्हे मेरे मन की बात बताऊ।
- अपनी माँ सरस्वती देवी ( पीहर का पुकारू नाम ‘ सरुली ' ) को स्मरण करते हुए इन्होंने अपना दूसरा महाकाव्य सत्यकाम जिन शब्दों के साथ उन्हें समर्पित किया है , वे द्रष्टव्य हैं -
- खामोश और संजीदा दिखते वैद ने अपने मन को इस ' इन्द्राज' (डायरिओं को दिया उनका पुकारू नाम) से जितनी ईमानदारी से बांटा है, उससे वह पहले से कहीं ज्यादा वेध्य ही नहीं, बोध्य भी हो चले हैं।