बल्ख़ का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- १२१९-१२२१ के बीच कई बड़े राज्यों - ओट्रार , बुखारा, समरकंद, बल्ख़, गुरगंज, मर्व, निशापुर और हेरात - ने मंगोल सेना के सामने समर्पण कर दिया ।
- १२१९-१२२१ के बीच कई बड़े राज्यों - ओट्रार , बुखारा, समरकंद, बल्ख़, गुरगंज, मर्व, निशापुर और हेरात - ने मंगोल सेना के सामने समर्पण कर दिया ।
- बल्ख़ ( फ़ारसी : بلخ , संस्कृत : वाह्लिका , अंग्रेजी : Balkh ) अफ़्ग़ानिस्तान का एक प्रांत है जो उस देश के उत्तरी भाग में स्थित है।
- यद्यपि उसकी एक राजधानी बल्ख़ ( वाहलीक ) भी थी , किंतु हमारी इस परंपरा के अनुसार मालूम होता है , मुख्य राजधानी सागल ( स्यालकोट ) नगरी थी।
- ईरानी लोग समरकन्द , बल्ख़ और मर्व की ओर बढ़ते गये और भारतीय आर्यशाखा दक्षिण-पूर्व प्रदेशों की ओर बढ़ती-बढ़ती समय पाकर थियानशान, तारीम और कुएनलन-पर्वतश्रेणी से सिन्धु-नदी के मुहाने तक फैल गयी होगी।
- ईरानी लोग समरकन्द , बल्ख़ और मर्व की ओर बढ़ते गये और भारतीय आर्यशाखा दक्षिण-पूर्व प्रदेशों की ओर बढ़ती-बढ़ती समय पाकर थियानशान, तारीम और कुएनलन-पर्वतश्रेणी से सिन्धु-नदी के मुहाने तक फैल गयी होगी।
- १२१९-१२२१ के बीच कई बड़े राज्यों - ओट्रार , बुखारा , समरकंद , बल्ख़ , गुरगंज , मर्व , निशापुर और हेरात - ने मंगोल सेना के सामने समर्पण कर दिया ।
- १२१९-१२२१ के बीच कई बड़े राज्यों - ओट्रार , बुखारा , समरकंद , बल्ख़ , गुरगंज , मर्व , निशापुर और हेरात - ने मंगोल सेना के सामने समर्पण कर दिया ।
- ईरानी लोग समरकन्द , बल्ख़ और मर्व की ओर बढ़ते गये और भारतीय आर्यशाखा दक्षिण-पूर्व प्रदेशों की ओर बढ़ती-बढ़ती समय पाकर थियानशान , तारीम और कुएनलन-पर्वतश्रेणी से सिन्धु-नदी के मुहाने तक फैल गयी होगी।
- ईरानी लोग समरकन्द , बल्ख़ और मर्व की ओर बढ़ते गये और भारतीय आर्यशाखा दक्षिण-पूर्व प्रदेशों की ओर बढ़ती-बढ़ती समय पाकर थियानशान , तारीम और कुएनलन-पर्वतश्रेणी से सिन्धु-नदी के मुहाने तक फैल गयी होगी।