बृहती का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- संसार में आप मुख्य हैं आपके लिए नमस्कार , रेवती रूप आपके लिए नमस्कार, तुझ बृहती के लिए नमस्कार एवं तुझ लोकधात्री के लिए नम: है।।9।।
- उन्होंने ईश्वर प्रत्याभिज्ञा की बृहती वृत्ति सन् 1015 ई ० में लिखी थी और क्रम स्त्रोत की रचना सन् 991 ई ० में की थी।
- संसार में आप मुख्य हैं आपके लिए नमस्कार , रेवती रूप आपके लिए नमस्कार, तुझ बृहती के लिए नमस्कार एवं तुझ लोकधात्री के लिए नम: है।।9।।
- इसी प्रकार साधक का मनोमय कोश रूपी द्यौ तथा प्राणान्नमय रूपी पृथिवी की संयुक्त इकाई द्यावापृथिवी भी बृहती कही जाती है ( ऋग्वेद १ .
- संसार में आप मुख्य हैं आपके लिए नमस्कार , रेवती रूप आपके लिए नमस्कार, तुझ बृहती के लिए नमस्कार एवं तुझ लोकधात्री के लिए नम: है।।9।।
- वेदों में मुख्य रूप से 7 छंद प्रयुक्त हुए हैं जिनके नाम गायत्री , उष्णिह् , अनुष्टुभ , बृहती , पंक्ति , त्रिष्टुभ और जगती हैं।
- वेदों में मुख्य रूप से 7 छंद प्रयुक्त हुए हैं जिनके नाम गायत्री , उष्णिह् , अनुष्टुभ , बृहती , पंक्ति , त्रिष्टुभ और जगती हैं।
- आनन्द गिरि स्वामी ने टीका में प्रभाकर के सिद्धान्तों का इतना विशद व स्पष्ट वर्णन किया है कि बृहती आदि से भी ज्यादा हृदयग्राही निरूपण बन गया है।
- संसार में आप मुख्य हैं आपके लिए नमस्कार , रेवती रूप आपके लिए नमस्कार , तुझ बृहती के लिए नमस्कार एवं तुझ लोकधात्री के लिए नम : है।।
- आनन्द गिरि स्वामी ने टीका में प्रभाकर के सिद्धान्तों का इतना विशद व स्पष्ट वर्णन किया है कि बृहती आदि से भी ज्यादा हृदयग्राही निरूपण बन गया है।