भुव का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- भू , भुव, स्व, मह, जन:, तप: और सत्यम् सात लोक हैं।
- भू , भुव, स्व, मह, जन:, तप: और सत्यम् सात लोक हैं।
- भुव : अंतरिक्षलोक, यजुर्वेद, वायु देवता, प्राणात्मक जगत् और स्वप्नावस्था का सूचक है।
- रखते हुए प्रतीप क्रम से नीचे , मध्य में और ऊपर, भू: भुव: स्व:)
- ' भुव : ' - मानसिक जगत जो सारे कष्टों का निवारक है।
- ' भुव : ' - मानसिक जगत जो सारे कष्टों का निवारक है।
- ' भुव : ' - मानसिक जगत जो सारे कष्टों का निवारक है।
- सृष्टि रचना का मूल सन्क्षिप्त क्रम-भू : एवं भुव: से समस्त प्रिथ्वी कीरचना हुई।
- भुव : ( होने की आशा - संकल्प शक्ति -चेतन ) का विकास हुआ।
- सात लोकों , भू, भुव:, स्व:, मह:, जन, तप और सत्य, का वर्णन मिलता है।