भौमवती का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- जब मंगलवार के दिन अमावस्या आयें , तो उसे भौमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है, अमावस्या तिथि प्रत्येक धर्म कार्य के लिए अक्षय फल देने वाली व अत्यंत पवित्र होती है, साथ ही पितरों की शान्ति के लिये भी अमावस्या व्रत पूजन का विशेष महत्व है।
- जब मंगलवार के दिन अमावस्या आयें , तो उसे भौमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है , अमावस्या तिथि प्रत्येक धर्म कार्य के लिए अक्षय फल देने वाली व अत्यंत पवित्र होती है , साथ ही पितरों की शान्ति के लिये भी अमावस्या व्रत पूजन का विशेष महत्व है।
- वह राज्यलक्ष्मी को प्राप्त कर लेता है॥19॥ गोरोचन , लाक्षा, कुङ्कुम, सिन्दूर, कपूर, घी (अथवा दूध), चीनी और मधु- इन वस्तुओं को एकत्र करके इनसे विधिपूर्वक यन्त्र लिखकर जो विधिज्ञ पुरुष सदा उस यन्त्र को धारण करता है, वह शिव के तुल्य (मोक्षरूप) हो जाता है॥20॥ भौमवती अमावास्या की आधी रात में, जब चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र पर हों, उस समय इस स्तोत्र को लिखकर जो इसका पाठ करता है, वह सम्पत्तिशाली होता है॥21॥
- वह राज्यलक्ष्मी को प्राप्त कर लेता है॥ 19 ॥ गोरोचन , लाक्षा , कुङ्कुम , सिन्दूर , कपूर , घी ( अथवा दूध ) , चीनी और मधु- इन वस्तुओं को एकत्र करके इनसे विधिपूर्वक यन्त्र लिखकर जो विधिज्ञ पुरुष सदा उस यन्त्र को धारण करता है , वह शिव के तुल्य ( मोक्षरूप ) हो जाता है॥ 20 ॥ भौमवती अमावास्या की आधी रात में , जब चन्द्रमा शतभिषा नक्षत्र पर हों , उस समय इस स्तोत्र को लिखकर जो इसका पाठ करता है , वह सम्पत्तिशाली होता है॥ 21 ॥