शस्त्रविद्या का अर्थ
उदाहरण वाक्य
- द्रुपद से अपमानित और पीड़ित द्रोण जब घूमते-घामते हस्तिनापुर पहुंचे और परिस्थितियों के चमत्कार से वे कुरु राजकुमारों यानी पाण्डवों और कौरवों को शस्त्रविद्या सिखाने के लिए राजकुल द्वारा नियुक्त कर लिए गए तो उनकी ख्याति सुनकर अन्य अनेक शिष्यताकामी युवाओं की तरह एकलव्य भी धनुर्विद्या सीखने के इरादे से उनके पास गए।
- केवल इतना ही नहीं , बल्कि परशुराम नामक क्रूर हत्यारा जातिवाद का भी कट्टर समर्थक था | वह ब्राह्मण के अलावा अन्य किसी भी जाति के लोगों को तब तक शस्त्रविद्या दान नहीं करता था , जब तक कि वह स्वयं शिक्षा पाने वाले को शिक्षा देने के लिये सहमत नहीं हों | अर्थात् शस्त्र विद्या सिखाने में परशुराम व्यक्ति की योग्यता या क्षमता नहीं , बल्कि जाति और अपनी इच्छा को ही प्राथमिक मानते थे | इसी कारण महाभारत के प्रमुख पात्र “ कर्ण ” को परशुराम से शस्त्र विद्या सीखने के लिये विवश होकर ‘‘